हरनौत में प्याज की रोपनी तेज
Published by : SANTOSH KUMAR SINGH Updated At : 23 Jan 2026 9:49 PM
जिले के हरनौत प्रखंड में रबी फसल के तहत प्याज की रोपनी जोरों पर है. वहीं कृषि विज्ञान केंद्र हरनौत के उद्यान विभाग के विशेषज्ञ कुमारी विभा रानी ने बताया कि रोपण के लिए सही समय ,नर्सरी ,मिट्टी और खाद , तापमान , सिंचाई और खरपतवार आदि महत्वपूर्ण बातें को मायने रखती है.
बिहारशरीफ. जिले के हरनौत प्रखंड में रबी फसल के तहत प्याज की रोपनी जोरों पर है. वहीं कृषि विज्ञान केंद्र हरनौत के उद्यान विभाग के विशेषज्ञ कुमारी विभा रानी ने बताया कि रोपण के लिए सही समय ,नर्सरी ,मिट्टी और खाद , तापमान , सिंचाई और खरपतवार आदि महत्वपूर्ण बातें को मायने रखती है. वे बताते हैं कि नर्सरी की पौधा को उठी हुई क्यारियों( बीच-बीच में मेड़ बनाकर) में 15 सेमी पंक्ति से पंक्ति और 10 सेमी पौधे से पौधे की दूरी पर लगाते हैं. रबी प्याज की रोपाई का सही समय दिसंबर से जनवरी के मध्य होता है.इसके में खेत तैयार करते समय गोबर की खाद या कम्पोस्ट(80 से 100 कुंटल प्रति हेक्टर )डालनी चाहिए और रोपाई के समय एनपीके (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश) की आधार खुराक डालें . वे बताते हैं कि इसमें नाइट्रोजन पौधे के विकास लिए , फास्फोरस जड़ के विकास के लिए जबकि पोटाश खाद गुणवत्ता के लिए डाली जाती है. नाइट्रोजन 120 किलो प्रति हेक्टेयर , फास्फोरस 100 किलो प्रति हेक्टेयर जबकि पोटाश 100 किलो प्रति हेक्टेयर डालनी चाहिए।इसमें नाइट्रोजन 60 किलो प्रति हेक्टेयर रोपाई के समय , 30 किलो प्रति हेक्टेयर एक महिने के बाद जबकि 30 किलो प्रति हेक्टेयर बाद में डालनी चाहिए।साथ ही सल्फर खाद 20 से 40 किलो प्रति हेक्टेयर प्रयोग करनी चाहिए. उन्होंने बताया की रोपाई के पूर्व तीन ग्राम प्रति लीटर कैप्टन ( पाऊडर) को पानी से मिलाकर बीज के जड़ को डुबा कर रोपनी करनी चाहिए. ये फफूंद रोगों से बचाता है. उन्होंने बताया कि इसमें पर्पल ब्लाज( पता पर) व झुलसा रोग भी लगता है. उन्होंने बताया कि रोपाई के बाद 10 से 12 दिनों के अंतराल में नमी के आधार पर सिंचाई करना आवश्यक है. किसान 31 जनवरी तक रोपाई कर सकते हैं. पौध को ज्यादा गहरा न लगाएं, वरना जड़ें टूट सकती हैं।जबकि अप्रैल तक ये तैयार हो जाते हैं।सोराडीह पंचायत के गोसाईमठ के किसान चंदन कुमार , शैलेश सिंह सूरज , जौनी आदि बताते हैं कि हमलोग 10 से 12 बीघा जमीन पर इस बार प्याज़ की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि हमलोग वर्षों से खेती करते हैं मर बीज पर भी सब्सिडी नहीं मिलती है।यहां तक इस बार भी न मिला है।न हीं प्रखंड कृषि कार्यालय से कोई जानकारी मिलती है. वहीं प्रखंड उद्यान पदाधिकारी( प्रभार) पवन कुमार पंकज ने बताया कि रवि फसल में जिले में 50 हेक्टेयर जबकि हरनौत प्रखंड में करिब तीन हेक्टेयर में प्याज की खेती का लक्ष्य रखा गया है. इसमें बिहार सरकार खरीफ प्याज की खेती के लिए किसानों को बीज और अन्य लागत पर 75% तक सब्सिडी देती है।ताकि कम लागत में प्याज उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके.
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