नालंदा में वज्रपात को लेकर प्रशासन सतर्क, मानसून से पहले जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश

Published by : Vikas Jha Updated At : 03 Jun 2026 3:48 PM

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जागरुकता अभियान को लेकर ऑनलाइन समीक्षा बैठक

Nalanda News: मानसून से पहले नालंदा प्रशासन ने वज्रपात से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों को गांव-गांव लोगों को सतर्क करने और सुरक्षा उपायों की जानकारी पहुंचाने को कहा गया है.

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Nalanda News (कंचन कुमार): बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (बीएसडीएमए) ने बुधवार को वज्रपात से सुरक्षा विषय पर तैयार कार्ययोजना की ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की. बैठक का उद्देश्य वज्रपात से होने वाली जनहानि और संपत्ति के नुकसान को कम करने के लिए चलाए जा रहे जन-जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन करना था. अधिकारियों को सुरक्षा संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए.

जागरूकता अभियान चलाने पर दिया गया जोर

बैठक का संचालन परियोजना पदाधिकारी संदीप वर्मा ने किया. उन्होंने कहा कि बिहार में वज्रपात एक गंभीर प्राकृतिक आपदा बन चुका है और इससे हर वर्ष बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है. पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर विशेष बल दिया गया.

विद्यालयों और जीविका समूहों के माध्यम से चलेगा अभियान

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, जीविका समूहों तथा किसान संगठनों के माध्यम से लोगों को वज्रपात से बचाव की जानकारी दी जाए. ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने की रणनीति बनाई गई. प्रशासनिक इकाइयों को समन्वित प्रयास करने को कहा गया.

मानसून से पहले विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश

ऑनलाइन समीक्षा बैठक में आगामी मानसून को देखते हुए सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए. अधिकारियों से कहा गया कि संभावित वज्रपात की स्थिति में आम लोगों तक समय पर चेतावनी संदेश पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. इससे दुर्घटनाओं और जनहानि को कम करने में मदद मिलेगी.

सुरक्षित स्थानों की पहचान और प्रचार-प्रसार पर चर्चा

बैठक में सुरक्षित स्थानों की पहचान, जागरूकता रैलियों के आयोजन और प्रचार-प्रसार सामग्री के वितरण पर विस्तार से चर्चा की गई. सोशल मीडिया और स्थानीय संचार माध्यमों का व्यापक उपयोग करने की रणनीति बनाई गई. आपदा मित्रों और स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया.

समन्वय और जागरूकता से रोकी जा सकती हैं दुर्घटनाएं

अधिकारियों ने कहा कि अधिकांश वज्रपात दुर्घटनाओं को समय रहते सावधानी बरतकर रोका जा सकता है. इसके लिए स्थानीय प्रशासन, सामुदायिक संस्थाओं और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है. जागरूकता बढ़ाकर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

वज्रपात से बचाव के लिए जारी की गई एडवाइजरी

बैठक में लोगों को वज्रपात के दौरान खुले मैदान, ऊंचे स्थानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास नहीं जाने की सलाह दी गई. जलाशयों के आसपास रहने से बचने और चार्जिंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने की अपील की गई. बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखने की भी सलाह दी गई.

खराब मौसम में तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह

विशेषज्ञों ने कहा कि बिजली चमकने या मौसम खराब होने पर तुरंत किसी पक्के भवन या सुरक्षित स्थान में शरण लेनी चाहिए. खेतों में काम कर रहे किसानों को मौसम खराब होते ही कार्य रोककर सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की सलाह दी गई. इससे जान-माल के नुकसान को रोका जा सकता है.

निर्धारित कार्ययोजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन होगा

बैठक में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), नालंदा, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी तथा जिला आपदा प्रबंधन शाखा के कर्मी मौजूद रहे. सभी अधिकारियों को निर्धारित कार्ययोजना के तहत शत-प्रतिशत गतिविधियों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. प्रशासन ने समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया.

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