नालंदा में मोरा गांव में ₹3.5 लाख की चोरी का 20 दिन बाद भी सुराग नहीं, फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड भी फेल

Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 04 Jun 2026 6:41 PM

विज्ञापन

ए आई द्वारा बनायी गयी तस्वीर

Nalanda Crime News: बिहार पुलिस अकादमी के पास बसे मोरा गांव में सुधांशु कुमार के घर हुई बड़ी चोरी के 20 दिन बाद भी छबिलापुर थाना पुलिस के हाथ खाली हैं. गांव में साइबर ठगों की सक्रियता से लोग खौफ के साये में जी रहे हैं. पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें.

विज्ञापन

Nalanda Crime News (रामविलास): बिहार के नालंदा जिले के छबिलापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मोरा गांव में हुई एक बड़ी चोरी की घटना के 20 दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली हैं. पुलिस न तो अब तक इस कांड का कोई सुराग ढूंढ पाई है और न ही किसी शातिर अपराधी को दबोचने में उसे सफलता मिली है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह वारदात ‘बिहार पुलिस अकादमी’ (जहां दरोगा और डीएसपी की ट्रेनिंग होती है) की चहारदीवारी से ठीक सटे गांव में हुई है. पुलिस की इस सुस्ती के कारण पूरे मोरा गांव में डर और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है.

पिता के इलाज के लिए पटना गया था परिवार, चोरों ने खंगाल डाला पूरा घर

स्थानीय इनपुट के अनुसार, मोरा गांव के रहने वाले किशोरी प्रसाद के पुत्र सुधांशु कुमार उर्फ मंटू के घर को चोरों ने निशाना बनाया था. 15 मई की रात पीड़ित सुधांशु कुमार अपने बीमार पिता के इलाज के लिए पूरे परिवार के साथ पटना गए हुए थे और घर पर ताला लटका था. जब परिवार 16 मई को वापस लौटा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. मुख्य गेट से लेकर कमरों और गोदरेज की अलमारी के ताले टूटे हुए थे. चोरों ने घर में रखे करीब साढ़े तीन लाख रुपये मूल्य के कीमती आभूषण, वस्त्र, बर्तन और नकद राशि समेट ली थी.

लेट लतीफी का नतीजा: तीसरे दिन पहुंची फोरेंसिक टीम, 7 दिन बाद आया डॉग स्क्वायड

पीड़ित सुधांशु द्वारा छबिलापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने कागजी औपचारिकता तो पूरी की, लेकिन जमीनी स्तर पर ढीली ढाली जांच देखने को मिली. घटना के तीसरे दिन फोरेंसिक टीम बुलाई गई, जिसने फिंगरप्रिंट्स और साक्ष्य तो कलेक्ट किए, लेकिन 20 दिन बाद भी उसकी रिपोर्ट ठंडे बस्ते में है. हद तो तब हो गई जब घटना के सात दिन बाद डॉग स्क्वायड की टीम बुलाई गई. अत्यधिक समय बीत जाने और गंध मिट जाने के कारण खोजी कुत्ता भी बिना कोई सुराग ढूंढे खाली हाथ लौट गया.

साइबर ठगों की सेफ हेवन बना मोरा गांव, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से लगाई गुहार

ग्रामीणों ने बताया कि मोरा गांव के इतिहास में ऐसी चोरी कभी नहीं हुई थी. लोग बेफिक्र होकर घरों में ताला लगाकर चले जाते थे. पुलिस अकादमी पास होने से सुरक्षा का अहसास और ज्यादा था, जो अब पूरी तरह टूट चुका है. ग्रामीणों ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि गांव में इन दिनों साइबर ठगों (Cyber Criminals) का एक बड़ा सिंडिकेट एक्टिव है. दूसरे गांवों से आकर लड़के यहाँ दिनभर रुकते हैं और ऑनलाइन ठगी का धंधा चलाते हैं, जिस पर स्थानीय पुलिस कोई एक्शन नहीं लेती. ग्रामीणों ने नालंदा के जिला प्रशासन और एसपी से मांग की है कि इस चोरी कांड का अविलंब खुलासा किया जाए ताकि कानून पर जनता का भरोसा कायम रह सके.

Also Read: रोहतास में 142 फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्त, दिल्ली-ग्वालियर की अमान्य डिग्रियों पर कर रहे थे नौकरी, 24 घंटे में रिपोर्ट तलब

विज्ञापन
Aditya Kumar Ravi

लेखक के बारे में

By Aditya Kumar Ravi

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन