महाविहार के कुलपति को मिलेगा यूपी सरकार का बौद्ध संस्कृति संवर्धन पुरस्कार

नव नालंदा महाविहार सम विश्वविद्यालय, नालंदा के कुलपति प्रो सिद्धार्थ सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिष्ठित बौद्ध संस्कृति संवर्धन पुरस्कार के लिए चुना गया है.
राजगीर. नव नालंदा महाविहार सम विश्वविद्यालय, नालंदा के कुलपति प्रो सिद्धार्थ सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिष्ठित बौद्ध संस्कृति संवर्धन पुरस्कार के लिए चुना गया है. उन्हें यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, द्वारा लखनऊ में गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रदान किया जायेगा. 51 हजार रुपये की राशि वाला यह सम्मान उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बौद्ध संस्कृति और अध्ययन के क्षेत्र में दीर्घकालीन योगदान करने के लिए दिया जायेगा. प्रो सिंह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पालि और बौद्ध अध्ययन विभाग के अलावे 2018- 2022 तक टोक्यो में भारतीय दूतावास के भारतीय सांस्कृतिक केंद्र के राजनयिक और निदेशक भी रहे हैं. जापान में भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार तथा भारत-जापान के सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करने में उनके द्वारा कार्य किया गया है. उन्हें जापान फाउंडेशन फेलोशिप, जापान (2003-04), फुलब्राइट सीनियर रिसर्च फेलोशिप, अमेरिका (2011-2012) तथा वादरायण व्यास राष्ट्रपति पुरस्कार, भारत (2005) जैसे सम्मानों से सम्मानित होने का गौरव प्राप्त है. प्रो सिद्धार्थ उप्पसाला विश्वविद्यालय (स्वीडन) में भारतीय अध्ययन के आईसीसीआर चेयर प्रोफेसर ऑफ इंडियन स्टडीज (2014-2015), एवं कार्लस्टाड विश्वविद्यालय (धर्म-इतिहास संकाय, 2006 एवं 2008) तथा हैदराबाद विश्वविद्यालय में बौद्ध दर्शन के विजिटिंग प्रोफेसर भी रहे हैं. उनकी चार पुस्तकों सद्धम्मसंगहो (13वीं शताब्दी तक बौद्ध धर्म का इतिहास), जिनचरित (बुद्ध की जीवनी), जेन बौद्ध धर्म संगीत, तथा रिमेम्बरिंग द लीजेंड कोसेत्सु नोसू प्रकाशित है. उन्होंने हिंदी, अंग्रेजी और जापानी भाषाओं में भारतीय संस्कृति और बौद्ध धर्म के विविध पहलुओं पर 80 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित किया है. भारत सहित अमेरिका, जापान, चीन, स्वीडन, एस्टोनिया, थाईलैंड, सिंगापुर, ताइवान, श्रीलंका, म्यांमार, वियतनाम और नेपाल आदि देशों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान देने और शोध-पत्र प्रस्तुत करने का रिकॉर्ड है. प्रो सिंह की प्रमुख रुचि के क्षेत्र बौद्ध धर्म के वैश्विक एवं सामाजिक पक्ष, पालि एवं बौद्ध संस्कृत साहित्य, भारतीय संस्कृति, विश्व धर्म एवं दर्शन तथा जापानी बौद्ध धर्म है.
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