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मध्य विद्यालयों में आठ शिक्षक अनिवार्य

Updated at : 28 Jul 2025 9:31 PM (IST)
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मध्य विद्यालयों में आठ शिक्षक अनिवार्य

सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के द्वारा क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी को कई आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.

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बिहारशरीफ. सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के द्वारा क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी को कई आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. इसके तहत सभी स्तर के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की अनिवार्य संख्या तथा न्यूनतम बुनियादी सुविधाओं को रेखांकित किया गया है. अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि सरकारी विद्यालयों को सुविधायुक्त बनाने के लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. इसके बावजूद स्कूलों के निरीक्षण में विभिन्न प्रकार की कमियां पाई जा रही है. इनमें विद्यालयों में विद्युतीकरण नहीं होना,

वर्गकक्षों में पर्याप्त संख्या में बल्ब एवं पंखा नहीं रहना, पेयजल की समस्या, शौचालयों में रनिंग वाटर की सुविधा का अभाव, उपलब्ध बेंच डेस्क के रख-रखाव में उदासीनता, स्मार्ट क्लास से संबंधित उपकरणों का समुचित उपयोग नहीं किया जाना आदि प्रमुख है. इसके अलावा वर्गकक्षों एवं गलियारों में टूटे फर्नीचर रखा जाना, अच्छे कमरों में कबाड़ रख देना एवं कमरों के अभाव में बच्चों को अन्यत्र बैठाना, कमरों के अभाव में अलग से पुस्तकालय एवं आईसीटी लैब स्थापित नहीं करना, विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता एवं उपस्थिति में विविधता पाया जाना आदि समस्याएं बनी हुई है. इससे विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति तथा शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

आकस्मिकता मद से बुनियादी सुविधाएं कराई जायेगी दुरुस्त :-

अपर मुख्य सचिव के द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा गया है कि सभी विद्यालयों को आकस्मिकता मद में 50 हजार रू की दर से राशि उपलब्ध करायी जा चुकी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी विद्यालयों में यह राशि उपलब्ध है. इसके अतिरिक्त विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी मार्ग दर्शन तथा निर्देश दिए गए हैं. दिशा निर्देश के तहत सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम 03 शिक्षक, मध्य विद्यालयों में न्यूनतम 08 शिक्षक जबकि माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विषय विशेष के लिए कम से कम 01-01 शिक्षक की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है. इससे कम किसी भी परिस्थिति में नहीं होगे.

जिला शिक्षा पदाधिकारी करेंगे शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति:-

जिन विद्यालयों में शिक्षकों का अभाव है वहां जिला शिक्षा पदाधिकारी ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों का मानक के आधार पर प्रतिनियुक्ति करेंगे. इसी प्रकार क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी सभी विद्यालयों में अर्द्ध वार्षिक परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम की समाप्ति की समीक्षा करेंगे.अर्द्ध वार्षिक पाठ्यक्रम का विवरण एससीईआरटी से प्राप्त करेंगे.

11 से 20 सितम्बर के बीच अर्द्धवार्षिक परीक्षा:-

चालू शैक्षणिक सत्र में सरकारी विद्यालयों में अर्द्ध वार्षिक परीक्षा 11 से 20 सितम्बर तक आयोजित किया जाएगा. परीक्षा के पूर्व अर्द्ध वार्षिक परीक्षा का पाठ्यकम पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है. 15 दिनों में सभी कार्य संधारित कराने का निर्देशदिया गया है. उपरोक्त सभी कार्य जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी एवं प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी के पर्यवेक्षण में अभियान के तौर पर अगले 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित कराया जायेगा. इसके लिए संबंधित पदाधिकारी उक्त अवधि में विद्यालयवार गहन रूप से विद्यालयों का भ्रमण कर इसे सुनिश्चित करायेंगे. साथ ही साथ विद्यालयों में उपलब्ध कमरे, उपस्कर, पेयजल आदि से संबंधित कार्य 15 अगस्त के पूर्व पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANTOSH KUMAR SINGH

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SANTOSH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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