श्रावणी मेला-2026 की तैयारी तेज, राजगीर में डीएम ने 533 सीढ़ियां चढ़कर परखी सुरक्षा व्यवस्था

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फोटो- श्रावणी मेला के रास्ते का जायजा लेते हुए डीएम उदिता सिंह, एसपी भारत सोनी व अन्य. | Prabhat Khabar Network

श्रावणी मेला के रास्ते का जायजा लेते हुए डीएम उदिता सिंह, एसपी भारत सोनी व अन्य. | Prabhat Khabar Network

राजगीर श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों को लेकर डीएम उदिता सिंह ने कुंड क्षेत्र, सिद्धनाथ मंदिर और मेला मार्ग का निरीक्षण किया. सुरक्षा, पार्किंग, मेडिकल टीम और प्रकाश व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए.

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राजगीर में आयोजित होने वाले श्रावणी मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है.

इसी कड़ी में नालंदा की जिलाधिकारी उदिता सिंह ने सोमवार को राजगीर के कुंड क्षेत्र, व्यावहारगिरि पर्वत, सिद्धनाथ मंदिर, जरासंध अखाड़ा तथा बेलवेदार जल संचयन क्षेत्र का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया.

निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं 533 सीढ़ियां चढ़कर व्यावहारगिरि पर्वत स्थित सिद्धनाथ मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया.

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ पुलिस अधीक्षक भारत सोनी, राजगीर अनुमंडल पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला नियोजन पदाधिकारी, वन विभाग के अधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे.

स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने भी विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी देते हुए मेले के सफल आयोजन को लेकर अपने सुझाव साझा किए.

जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावणी मेला में लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया, ताकि मेला के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो.

निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने जिलाधिकारी को विपुलगिरि, स्वर्णगिरि, व्यावहारगिरि और रत्नागिरि पर्वत श्रृंखलाओं के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन महत्व की विस्तृत जानकारी दी.

इसके अलावा राजगीर के प्रसिद्ध बिम्बिसार ट्रैकिंग ट्रैक के संबंध में भी जानकारी दी गई, जो पर्यटकों और ट्रैकिंग प्रेमियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र है.

व्यावहारगिरि पर्वत पर चढ़ाई के दौरान जिलाधिकारी ने राजगीर स्टेडियम, पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, स्पोर्ट्स अकादमी सहित आसपास के विकसित हो रहे क्षेत्रों का अवलोकन किया.

उन्होंने पर्वतीय क्षेत्र की जैव विविधता, वनस्पतियों एवं वन्य जीवों के संरक्षण संबंधी पहलुओं की भी जानकारी ली.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूरे मार्ग पर होगी बेहतर रोशनी

निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पर्वतीय मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, विश्राम स्थल एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की मांग रखी.

इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मार्ग में उच्च गुणवत्ता वाली प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को रात्रि के समय भी बिना किसी परेशानी के मंदिर तक पहुँचने की सुविधा मिलनी चाहिए.

उन्होंने सभी खराब लाइटों को तत्काल दुरुस्त करने और आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त लाइटें लगाने का निर्देश दिया.

पब्लिक एड्रेस सिस्टम, कंट्रोल रूम और मेडिकल टीम रहेगी तैनात

श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचना समय पर उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी ने पूरे मार्ग और मंदिर परिसर में प्रभावी पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित करने का निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन, खोए हुए लोगों की सूचना, आपातकालीन घोषणाओं एवं अन्य आवश्यक जानकारियों के लिए यह व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण होगी.

उन्होंने अधिकारियों को मेला क्षेत्र में कंट्रोल रूम स्थापित करने का भी निर्देश दिया, जहाँ से सभी गतिविधियों की निगरानी की जाएगी.

इसके साथ ही किसी भी आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकता से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र तथा स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा.

आवश्यकता पड़ने पर आपदा मित्रों एवं प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भी सेवाएं लेने का निर्देश दिया गया.

बेलवेदार क्षेत्र में जल संचयन क्षमता बढ़ाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने व्यावहारगिरि पर्वत स्थित ऐतिहासिक सिद्धनाथ मंदिर का भी निरीक्षण किया. स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि महाभारत काल में इस मंदिर की स्थापना मगध सम्राट जरासंध द्वारा कराई गई थी.

इसके बाद उन्होंने ऐतिहासिक जरासंध अखाड़ा क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा वहाँ से दिखाई देने वाले प्राकृतिक दृश्यों का अवलोकन किया.

निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंदिर परिसर के आसपास फैले अतिक्रमण को हटाकर उस भूमि का उपयोग पार्किंग, विश्राम स्थल, पेयजल, शौचालय एवं श्रद्धालुओं की अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए करने का निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि इससे मेला के दौरान वाहनों की बेहतर पार्किंग व्यवस्था हो सकेगी तथा श्रद्धालुओं को अनावश्यक भीड़ और जाम से राहत मिलेगी.

व्यावहारगिरि पर्वत के बेलवेदार क्षेत्र में वर्षा जल संचयन स्थल का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को जलाशय की क्षमता बढ़ाने के लिए इसे लगभग छह फीट और गहरा करने का निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि इससे वर्षा जल का अधिक संग्रह होगा तथा आसपास के क्षेत्र में भू-जल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी.

वन प्रमंडल पदाधिकारी के साथ चर्चा के दौरान जिलाधिकारी ने भू-जल संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए.

उन्होंने निजी एवं सरकारी बोरवेलों को ग्राउंड वाटर रिचार्ज एक्विफर के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया. अधिकारियों ने बताया कि वेणुवन क्षेत्र में इस प्रकार का प्रयोग सफलतापूर्वक किया जा चुका है.

इस पर जिलाधिकारी ने पूरे जिले के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार कर भू-जल संरक्षण की दिशा में ठोस पहल करने का निर्देश दिया.

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