बिहार विधानसभा शुरू होते ही विधायकों का जबरदस्त हंगामा, मार्शल ने भाजपा विधायक को सदन से बाहर निकाला

बिहार विधानमंडल के मॉनसून सत्र का आज आखिरी दिन है. सदन की कार्रवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया है. इसके बाद सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी.
बिहार विधानमंडल के मॉनसून सत्र (Bihar Vidhan Sabha Monsoon Session) का आज आखिरी दिन है. सदन की कार्रवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया है. विधायक वेल में पहुंचकर गुरुवार को हुए लाठीचार्ज का विरोध करने लगे. बीजेपी के द्वारा सदन में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया गया है. विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा लगातार सदस्यों से शांति बनाये रखने की अपील की. अध्यक्ष ने भाजपा विधायक को मार्शल बुलाकर सदन से बाहर करना दिया. फिर भी, जब सदस्य नहीं माने तो सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी.
भाजपा विधायक संजय सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें वेल में मौजूद मार्शल ने उठाकर फेंक दिया. विधानसभा के बाहर संजय सिंह ने बताया कि मैं कल की घटना का विरोध कर रहा था. मैं पीठ दिखाकर ये बता रहा था कि देखिए कैसे आपकी सरकार ने हमलोगों पर बर्बरतापूर्ण तरीके से लाठी चलाया. मुझे बस ये दिखाना था कि तुरंत अध्यक्ष ने मार्शल को बाहर करने का निर्देष दिया और मुझे जबरन उठाकर बाहर फेंक दिया गया.
भाजपा के द्वारा लाठीचार्ज में नेता विजय सिंह की मौत को लेकर सदन के बाहर मौन प्रदर्शन किया गया. इसमें नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी समेत भाजपा के सभी विधायक शामिल हुए. भाजपा नेता सदन में हाथों में तख्तियां लेकर शांति से खड़े थे. इसके बाद बीजेपी के द्वारा पूरे विधानसभा में मार्च का आयोजन किया गया. बता दें कि इससे पहले चार दिन लगातार भाजपा नेताओं के द्वारा लैंड फॉर जॉब मामले में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) का इस्तीफा लेने पर अड़ी हुई थी. इसके बाद, गुरुवार को रोजगार, भ्रष्टाचार और शिक्षक बहाली के मुद्दे पर विधानसभा घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इसपर, पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज किया गया. इसमें एक भाजपा नेता की मौत हो गयी. जबकि, कई लोग घायल हुए हैं.
भाजपा कार्यकर्ता विजय सिंह की मृत्यु पर बिहार में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि हमारी लड़ाई सदन से सड़क तक जारी रहेगी. तेजस्वी यादव सोने की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं. उन्हें लोकतंत्र, संवैधानिक संस्था में विश्वास नहीं है. SSP पोस्टमॉर्टम के पहले ही रिपोर्ट जारी कर रहे हैं. इसकी विशेष जांच कमेटी बनेगी. वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री व सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सरकारी नौकरी पर विश्वासघात, शासन मे भष्टाचार और चौपट कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे पर शांतिपूर्ण ढंग से संचालित विधानसभा मार्च पर बर्बर लाठीचार्ज कर एक कार्यकर्ता की जान लेना और दर्जनों लोगों को गंभीर रुप से जख्मी करना निंदनीय है. क्या यही लोकतंत्र है?
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा-देश में मोदी की नहीं, मुद्दों की बातचीत होनी चाहिए, क्योंकि भाजपा ज्वलंत मुद्दों से भागती है. तेजस्वी ने सांसद रविशंकर प्रसाद, अशोक यादव, विवेक ठाकुर, विधायक नीतीश मिश्रा, नितिन नवीन, श्रेयसी सिंह से लेकर केंद्र सरकार के कई मंत्रियों के नाम गिनाये, जिनके पिता राजनीति में हैं या रहे हैं और विरासत के रूप में ही ये राजनीति में स्थापित हैं. इसी तरह तेजस्वी ने भाजपा के उन नेताओं के नाम गिनाये, जिनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. तेजस्वी ने अपने विरुद्ध दायर चार्जशीट की चर्चा करते हुए कहा कि यह 2017 में भी हुआ था, लेकिन 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद सबसे बड़ादल बन कर उभरा. जनता की अदालत से कोई बड़ी अदालत नहीं होती और इस अदालत में हम निर्दोष साबित हो चुके हैं.
उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भाजपा का नाम लिये बिना उस पर ताना कसा है कि 18 साल से सरकार में कौन रहा? जब महागठबंधन सरकार बनी, तभी तीन लाख बहाली निकाली गयी. राज्य कर्मी का दर्जादिया जा रहा है. विधानसभा से बाहर निकल कर कहा कि आज के धरना-प्रदर्शन में शिक्षक शामिल ही नहीं थे. भाजपा के आंदोलन में हुए एक घटनाक्रम के संदर्भ में कहा कि यह बदले की कार्रवाई नहीं थी.
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