बच्चों को नेपाल घुमाने ले गए 5 सरकारी शिक्षक नशे में गिरफ्तार, बॉर्डर पर खुल गई पोल

मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत स्कूली बच्चों को घुमाने ले गये शिक्षक नशे के हालत में पकड़े गए
Bihar News: बिहार के सुपौल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां छात्रों के साथ नेपाल भ्रमण पर गए 5 शिक्षक शराब के नशे में गिरफ्तार कर लिए गए. इंडो-नेपाल बॉर्डर के भीमनगर चेकपोस्ट पर जांच के दौरान यह खुलासा हुआ, जिसने शिक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
Bihar News: बिहार के सुपौल जिले के इंडो-नेपाल बॉर्डर पर भीमनगर चेकपोस्ट पर मध निषेध विभाग ने कार्रवाई करते हुए 5 सरकारी शिक्षकों को शराब के नशे में धुत गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी तब हुई जब ये शिक्षक मासूम छात्रों के साथ नेपाल से घूमकर लौट रहे थे.
बिहार सरकार बच्चों को ‘मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना’ के तहत ज्ञानवर्धन के लिए शैक्षणिक भ्रमण पर भेज रही है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं बच्चों के मार्गदर्शक और रक्षक यानी शिक्षक खुद मर्यादा की सीमा पार कर गए.
नेपाल टूर से लौटते वक्त पकड़े गए शिक्षक
घटना शुक्रवार की है, जब मधेपुरा और खगड़िया जिले के ये शिक्षक बच्चों को नेपाल के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराकर वापस बिहार लौट रहे थे. भीमनगर चेकपोस्ट पर तैनात मध निषेध विभाग की टीम रूटीन चेकिंग कर रही थी.
जैसे ही शिक्षकों का दल बॉर्डर पार कर भारतीय सीमा में दाखिल हुआ, अधिकारियों को उनकी हरकतों पर शक हुआ. जब उनकी जांच की गई और ब्रेथ एनालाइजर मशीन का उपयोग हुआ, तो मशीन की रीडिंग ने अधिकारियों के होश उड़ा दिए. सभी पांचों शिक्षक शराब के नशे में पाए गए.
कौन हैं ये ‘दागी’ शिक्षक?
गिरफ्तार किए गए शिक्षकों की पहचान मधेपुरा और खगड़िया जिले के रूप में हुई है. इनमें मधेपुरा के कुमारखंड प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिहारी के तीन शिक्षक—दीपनारायण राम, इंग्लिश कुमार और धीरेन्द्र कुमार शामिल हैं. इनके अलावा सिवंश कुमार उर्फ शक्ति शामन और मिठू कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है.
आरोप है कि बच्चों को ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी देने के बजाय, इन शिक्षकों ने नेपाल की वादियों में शराब का सेवन किया और नशे की हालत में ही बच्चों के साथ सफर तय कर रहे थे, जिससे छात्रों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
अब नौकरी पर मंडराया संकट
सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार शिक्षकों के खिलाफ सस्पेंशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
मधेपुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. इन शिक्षकों पर न केवल मद्य निषेध कानून के तहत केस चलेगा, बल्कि उनकी सेवा समाप्ति तक की नौबत आ सकती है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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