बिहार में अब ऊंची नहीं होंगी सड़कें, बिना इजाजत के रोड बनाया तो इंजीनियरों पर गिरेगी गाज

Updated at : 12 Feb 2026 2:29 PM (IST)
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Now, roads in Bihar will not be elevated without permission.

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Bihar News: अब मनमाने तरीके से ऊंची नहीं होंगी शहर की सड़कें. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पथ निर्माण विभाग का बड़ा फैसला. अब सड़कों की मरम्मत के नाम पर उन्हें ऊंचा करना मुमकिन नहीं होगा, जिससे शहरों को जलजमाव से मुक्ति मिलेगी.

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Bihar News: बिहार के शहरों में जलजमाव की बढ़ती समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है. अब शहरी इलाकों में सड़कों की ऊंचाई बढ़ाने से पहले पथ निर्माण विभाग से अनुमति लेनी होगी.

पटना उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद विभाग ने सभी इंजीनियरों को सख्त आदेश जारी किया है कि बिना डॉक्यूमेंटेड स्वीकृति किसी भी हालत में सड़क का लेवल राइज न किया जाए.

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एक्शन

पटना हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने शहरी सड़कों की ऊंचाई बढ़ाने और खराब ड्रेनेज व्यवस्था पर गंभीर टिप्पणी की थी. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण या मरम्मत के दौरान ड्रेनेज सिस्टम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसके बाद पथ निर्माण विभाग ने मानक तय करते हुए नया निर्देश जारी किया.

अब किसी भी सड़क के निर्माण या मरम्मत से पहले टोपोग्राफिक सर्वे अनिवार्य होगा. कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता यह सुनिश्चित करेंगे कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही काम हो. क्वालिटी कंट्रोल टीम इस रिपोर्ट की जांच करेगी और रोड प्रोफाइल का सख्ती से पालन कराया जाएगा.

पुरानी परत हटाकर बनेगी नई सड़क

विधान परिषद में भी सड़कों की ऊंचाई बढ़ने से जलजमाव का मुद्दा उठा. जवाब में पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि अब मरम्मत के दौरान ऊपरी और पुरानी परतों को हटाया जाएगा. सड़क की सबसे निचली परत से निर्माण शुरू होगा, ताकि लेवल अनावश्यक रूप से ऊंचा न हो और पानी की निकासी बाधित न हो.

आबादी वाले क्षेत्रों और बाजारों में सड़क किनारे ड्रेनेज निर्माण को अनिवार्य किया गया है. बाजार क्षेत्रों में फुटपाथ या रैंप बनाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि जल निकासी और पैदल आवागमन दोनों सुचारु रहें.

सरकार का कहना है कि सड़क निर्माण से जलजमाव की समस्या और न बढ़े, यह सुनिश्चित करना प्राथमिकता है. नए नियमों के लागू होने के बाद उम्मीद है कि शहरों में हर बारिश के बाद होने वाली जलभराव की परेशानी में कमी आएगी.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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