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लगातार 18वें महीने भी नंबर-1 बना बिहार, मरीजों को फ्री दवा देने में फिर अव्वल

Updated at : 08 Mar 2026 2:23 PM (IST)
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Bihar News

Health Minister Mangal Pandey

Bihar News: बिहार एक बार फिर पूरे देश में मुफ्त दवा उपलब्ध कराने के मामले में पहले स्थान पर रहा है. बिहार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. राज्य लगातार 18 महीनों से मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराने के मामले में देश में पहले स्थान पर बना हुआ है.

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Bihar News: बिहार ने स्वास्थ्य सेवाओं में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जिसे तोड़ना किसी भी अन्य राज्य के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. फरवरी 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बिहार ने एक बार फिर देश भर में मरीजों को नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराने के मामले में पहला स्थान हासिल किया है. यह सिलसिला पिछले 18 महीनों से अटूट जारी है.

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि राज्य ने पहली बार सितंबर 2024 में शीर्ष स्थान पाया था और तब से लेकर आज तक बिहार ने अपनी गद्दी किसी और को नहीं लेने दी है.

सितंबर 2024 से लगातार टॉप पर बिहार

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि बिहार ने पहली बार सितंबर 2024 में मुफ्त दवा उपलब्ध कराने के मामले में देश में पहला स्थान हासिल किया था. तब से लेकर अब तक राज्य लगातार इस सूची में शीर्ष पर बना हुआ है. फरवरी 2026 तक यह उपलब्धि बरकरार है, जो राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में हुए सुधार को दर्शाती है.

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले हर मरीज को बेहतर इलाज के साथ जरूरी दवाएं भी मुफ्त में मिलें, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम हो सके.

दवा प्रबंधन की नई व्यवस्था से हुआ सुधार

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अस्पतालों में दवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. इसके तहत आवश्यक दवा सूची (ईडीएल) तय की गई है और औषधि प्रबंधन प्रणाली को प्रभावी तरीके से लागू किया गया है.

साथ ही मरीजों को छोटे अस्पतालों से बड़े अस्पतालों में समय पर रेफर करने के लिए स्पष्ट रेफरल नीति भी लागू की गई है. इन नीतियों के कारण अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता बेहतर हुई है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है.

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि मुफ्त दवा की बेहतर व्यवस्था से सरकारी अस्पतालों में लोगों का भरोसा भी तेजी से बढ़ रहा है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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