बिहार में चमकी बुखार का खतरा बढ़ा, बेड, दवा और एंबुलेंस की विशेष व्यवस्था

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चमकी बुखार का खतरा बढ़ा

Bihar News: बिहार में बढ़ती गर्मी और उमस के बीच एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और सभी जिलों में अस्पतालों को बेड, दवा और एंबुलेंस की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

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Bihar News: (आनंद तिवारी की रिपोर्ट)
बिहार में बढ़ती गर्मी और उमस के बीच एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) यानी चमकी बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी जिलों को सतर्क रहने और मरीजों के त्वरित इलाज के लिए जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

पूरे बिहार में चमकी बुखार को लेकर जारी हुआ अलर्ट

राज्य स्वास्थ्य समिति ने पटना सहित पूरे बिहार में चमकी बुखार को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है. खासकर उत्तर बिहार के प्रभावित जिलों में निगरानी बढ़ा दी गई है, जहां हर साल गर्मी के मौसम में बच्चों में इस बीमारी के मामले सामने आते हैं.

अस्पतालों में बेड, दवा और ICU वार्ड की विशेष तैयारी

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 15 अत्यधिक प्रभावित जिलों में 10-10 बेड के PICU वार्ड तैयार किए गए हैं. वहीं एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर में 100 बेड का आधुनिक पीआईसीयू वार्ड संचालित किया जा रहा है ताकि गंभीर मरीजों का तुरंत इलाज हो सके.

अस्पतालों को दवा और उपकरणों का स्टॉक रखने का निर्देश

जिला अस्पतालों में पांच और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं. सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों को जरूरी दवाओं, जांच सुविधाओं और मेडिकल उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया है.

पटना समेत 12 जिलों में विशेष निगरानी

पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, सारण, सिवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी और शिवहर समेत कई जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है. सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एईएस और जेई के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं.

डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि बच्चों का समय पर और प्रभावी इलाज सुनिश्चित किया जा सके. अस्पतालों में दवा, जांच और एंबुलेंस सेवा को निशुल्क और सक्रिय रखा गया है.

हर साल 150 से 200 बच्चे होते हैं प्रभावित

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिहार में हर साल चमकी बुखार से 150 से 200 बच्चे प्रभावित होते हैं, जिनमें 30 से 40 प्रतिशत तक मृत्यु दर दर्ज की जाती है. वर्ष 2019 में यह बीमारी सबसे भयावह रूप में सामने आई थी.

पटना में भी कड़ी तैयारी, एंबुलेंस सेवा पूरी तरह एक्टिव

पटना सिविल सर्जन ने बताया कि पीएमसीएच और एनएमसीएच सहित सभी सरकारी अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की गई है. बेड, दवा, ओआरएस और ग्लूकोज उपलब्ध कराए गए हैं और एंबुलेंस सेवा को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है.

बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से की गई अपील

स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को तेज धूप से बचाएं, उन्हें पर्याप्त पानी और ओआरएस दें. तेज बुखार, बेहोशी या ऐंठन जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई है.

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करुणा तिवारी

लेखक के बारे में

By करुणा तिवारी

करुणा तिवारी पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और टीवी तथा डिजिटल मीडिया दोनों में व्यापक अनुभव रखती हैं. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दूरदर्शन बिहार (Doordarshan Bihar) से की, जहां समाचारों की प्रस्तुति, रिपोर्टिंग और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर काम करते हुए उन्होंने पत्रकारिता की मजबूत नींव तैयार की. इसके बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर कदम बढ़ाया और बदलते न्यूज़ इकोसिस्टम के अनुरूप खुद को लगातार विकसित किया.

वर्तमान में करुणा तिवारी प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह बिहार की राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, मौसम,पर्यटन और समसामयिक मुद्दों पर तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं फीचर लेख तैयार करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर केवल सूचना तक सीमित न रहे, बल्कि पाठकों को उसका व्यापक संदर्भ और प्रभाव भी समझा सके.

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