उत्तर बिहार को बड़ी सौगात, मुजफ्फरपुर-रक्सौल-नरकटियागंज रेल लाइन पर 160 की स्पीड में दौड़ेंगी ट्रेनें, 4079 करोड़ मंजूर

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Bihar Nepal Border Rail Route: उत्तर बिहार और नेपाल सीमा से जुड़े रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है. मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, रक्सौल और नरकटियागंज रेलखंड पर डबल लाइन परियोजना के साथ ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक करने की तैयारी शुरू हो गई है.
Bihar Nepal Border Rail Route: नेपाल सीमा से सटे उत्तर बिहार के रेल नेटवर्क में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. भारतीय रेलवे ने मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-दरभंगा-रक्सौल-नरकटियागंज रेलखंड के दोहरीकरण और मजबूती की दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है. यह परियोजना बिहार की सबसे बड़ी रेल योजनाओं में गिनी जा रही है.
255 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर होगा बड़ा काम
करीब 255 किलोमीटर लंबे इस पूरे रेल रूट की डीपीआर तैयार कर ली गई है. रेलवे इस परियोजना को सामरिक, व्यापारिक और पर्यटन के लिहाज से बेहद अहम मान रहा है. यही वजह है कि इसे प्राथमिकता वाले कामों में रखा गया है.
इस पूरी परियोजना पर 4079.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. रेलवे बोर्ड से बजट को मंजूरी मिल चुकी है और काम को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हो गई है.
अब 120 नहीं, 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी रफ्तार
फिलहाल इस रूट पर ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित है, लेकिन डबल लाइन और मजबूत ट्रैक बनने के बाद ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक दौड़ सकेंगी. इसके लिए भारी क्षमता वाली 60 किलोग्राम रेल पटरी बिछाई जाएगी ताकि तेज रफ्तार और ज्यादा लोड दोनों को आसानी से संभाला जा सके.
सीमा सुरक्षा और व्यापार दोनों को मिलेगा फायदा
यह रेलखंड भारत-नेपाल सीमा के बेहद महत्वपूर्ण इलाकों से होकर गुजरता है. ऐसे में इस परियोजना से सेना की आवाजाही, जरूरी सामान की ढुलाई और सीमावर्ती जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी. मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, रक्सौल, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जैसे जिलों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.
अभी क्षमता से ज्यादा दबाव झेल रही है लाइन
मौजूदा समय में इस रेललाइन पर ट्रैफिक दबाव काफी ज्यादा है. कई बार सिंगल लाइन होने के कारण मालगाड़ियों को लंबे समय तक रुकना पड़ता है. प्रतिदिन कई पैसेंजर और मालगाड़ियां इस रूट से गुजरती हैं, जिससे परिचालन प्रभावित होता है. दोहरीकरण के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और बिना ज्यादा रुकावट संचालन आसान होगा.
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17 नदियों और सैकड़ों नालों पर बनेंगे पुल
इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत 17 नदियों और 288 नालों पर कुल 307 पुल और पुलियों का निर्माण किया जाएगा. यह रेललाइन पांच बड़े जंक्शन, 24 स्टेशन और 17 हाल्ट को जोड़ेगी.
इस परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तर बिहार में यात्रा समय कम होगा, व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी. आने वाले वर्षों में यह बिहार की रेल तस्वीर बदलने वाली बड़ी परियोजना मानी जा रही है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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