वक्फ बिल के विरोध में ये क्या कर रहे बिहार के मुसलमान, हाजीपुर से लेकर मुंगेर तक दिखा नजारा

सांकेतिक फोटो
Bihar : वक्फ बिल के विरोध में बिहार के कई जिलों में मुसलमानों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर अलविदा जुमा का नमाज अदा किया.
मुंगेर, राणा गौरी शंकर : केंद्र की मोदी सरकार संसद में वक्फ संशोधन विधेयक को पेश करने की तैयारी कर रही है. लेकिन सरकार के इस फैसले का पूरे देश के मुसलमान लगातार विरोध कर रहे हैं. सरकार के इस फैसले के विरोध बिहार के मुसलमानों ने अलविदा जुमा के नमाज के दौरान हाथों में काली पट्टी बांधकर नमाज अदा किया. इस दौरान हाजीपुर से लेकर मुंगेर तक के मुसलमानों ने सरकार से बिल वापस लेने की गुजारिश की.

पूर्वजों की जायदादों को छीनना चाहती है सरकार : आरिफ रहमानी
अलविदा जुमा के मौके पर खानकाह रहमानी के सचिव आरिफ रहमानी ने कहा कि इस काले कानून का हम सब विरोध करते हैं. यह वक्फ की जायदाद हमारे पूर्वजों ने दिया है और हम सबने इस पर मस्जिद, कब्रगाह, मदरसा और कई चीज बना रखी है. सरकार ये हमसे जबरदस्ती हड़पने की नीयत से कानून लेकर आ रही है. कानून के सहारे सरकार हमारे पूर्वजों की दी हुई जायदादों को छीनना चाहती है. जिसे हिंदुस्तान के मुसलमान और आम शहरी बर्दाश्त नहीं करेंगे.

देश विरोधी है काला कानून : जफर अहमद
वहीं, रजा कर्ण मीर कासिम समिति के अध्यक्ष जफर अहमद ने कहा कि यह काला कानून देश विरोधी है. संविधान विरोधी है. हमारे पूर्वजों ने जिस जमीन को दिया है आज सरकार इसे हड़पने की नीयत से काला कानून लाने जा रही है. जिसका हम सब विरोध कर रहे हैं. वहीं, कौसर कलाम अशरफ और सामाजिक कार्यकर्ता वकार ने कहा कि हम लोगों के पास जब तक सांस है तब तक इस काले कानून को किसी.भी कीमत पर पास नहीं होने देंगे.
बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
काली पट्टी लगाकर अदा की गई अलविदा जुमा की नमाज
हाजीपुर, कैफ अहमद हाजीपुर. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और ईमारत शरिया बिहार, झारखंड, उड़ीसा एवं कई सामाजिक संगठनों के द्वारा आज पूरे देशभर में वक्फ संशोधन बिल 2024 के विरोध में काला पट्टी लगाकर अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई. इसका असर हाजीपुर में भी दिखा. जिले के सभी मस्जिदों में जुमा-तूल-विदा की नमाज काली पट्टी लगा कर पढ़ी गई. इस तरह से मुस्लिम समाज के लोगों ने वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सांकेतिक विरोध किया. इस दौरान लोगों ने कहा कि इस काले कानून का हम सब विरोध करते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prashant Tiwari
प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




