बिहार में नई सरकार का एक्शन, कई जेलों में एक साथ छापेमारी

Published by :Pratyush Prashant
Published at :17 Apr 2026 10:02 AM (IST)
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बिहार में नई सरकार का एक्शन, कई जेलों में एक साथ छापेमारी

Bihar Jail Raid: बिहार के कई जिलों में शुक्रवार की सुबह अचानक जेलों में बड़े पैमाने पर छापेमारी और निरीक्षण अभियान चलाया गया. प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई ने जेल परिसरों में हलचल मचा दी. कहीं घंटों सर्च ऑपरेशन चला तो कहीं संदिग्ध सामान भी बरामद हुआ. इस पूरे अभियान का मकसद साफ था.जेल की सुरक्षा व्यवस्था को परखना और किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ना.

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Bihar Jail Raid: बिहार की जेलों में शुक्रवार और शनिवार की सुबह वह मंजर दिखा जिसे देखकर अपराधी और जेल प्रशासन दोनों के पसीने छूट गए. राज्य के आधा दर्जन से अधिक जिलों की जेलों में एक साथ ऑपरेशन क्लीन चलाया गया.

भागलपुर से लेकर मोतिहारी और मुजफ्फरपुर से लेकर औरंगाबाद तक हर जगह डीएम और एसपी खुद मोर्चा संभालते नजर आए. जब दुनिया सो रही थी, तब 200 से अधिक जवानों की टुकड़ी जेल के फाटकों को पार कर बैरकों की तलाशी ले रही थी. इस औचक निरीक्षण ने जेलों के भीतर चल रहे नेटवर्क को ध्वस्त करने के संकेत दिए हैं…

भागलपुर से शुरू हुआ सख्त निरीक्षण का सिलसिला

भागलपुर के शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा में जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया. डीएम और एसएसपी स्तर के अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा, साफ-सफाई, बंदियों की सुविधाओं और विधि-व्यवस्था का बारीकी से आकलन किया. अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाए और किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी.

भागलपुर के शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा में जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन की टीम

हाजीपुर मंडल कारा में हाई लेवल निरीक्षण

शुक्रवार को डीएम एसपी के नेतृत्व में मंडल कारा हाजीपुर में हाई लेवल औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) पुलिस उपाधीक्षक सहित कई प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे.
निरीक्षण के दौरान कारा के सभी वार्डों, बैरकों एवं सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच की गई. अधिकारियों ने बंदियों की निगरानी, सुरक्षा इंतजाम और कारा प्रशासन के कार्यों का बारीकी से मूल्यांकन किया. जांच के बाद कारा परिसर से किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई.

मोतिहारी में छापेमारी

मोतिहारी सेंट्रल जेल में डीएम और एसपी के नेतृत्व में सघन तलाशी अभियान चलाया गया. सभी वार्डों की जांच की गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला. अधिकारियों का कहना है कि जेल के अंदर कैदियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे.

मोतिहारी सेंट्रल जेल में डीमएम और एसपी टीम

बेतिया में औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप

बेतिया के मंडल कारा में देर रात औचक छापेमारी की गई. डीएम और एसपी के नेतृत्व में पहुंचे अधिकारियों ने जेल परिसर के हर हिस्से की जांच की. निरीक्षण के बाद कारा प्रशासन को कई अहम निर्देश दिए गए, ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो.

मुजफ्फरपुर में 200 जवानों के साथ चार घंटे सर्च ऑपरेशन

मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में सबसे बड़ा ऑपरेशन देखने को मिला. एसएसपी के नेतृत्व में करीब 200 जवानों ने चार घंटे तक जेल के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली. इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद यहां भी कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई.

शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा,मुजफ्फरपुर

सीतामढ़ी में मिला संदिग्ध कागजात

सीतामढ़ी जेल में छापेमारी के दौरान प्रशासन को एक वार्ड से संदिग्ध कागजात मिला, जिसमें मोबाइल नंबर और आपत्तिजनक बातें दर्ज थीं. इसके बाद प्रशासन और सतर्क हो गया है. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि कुख्यात अपराधियों को अब केंद्रीय कारा में शिफ्ट किया जा सकता है.

औरंगाबाद में बरामद हुए औजार, सुरक्षा पर सवाल

औरंगाबाद मंडल कारा की छापेमारी में पिलास, पेचकस और लोहे के टुकड़े जैसे सामान बरामद हुए. यह सामग्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जा रही है, प्रशासन ने तुरंत इन्हें जब्त कर जांच के आदेश दिए और कारा प्रशासन को सख्त चेतावनी दी.

औरंगाबाद में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल के नेतृत्व में मंडल कारा में औचक निरीक्षण किया

इन सभी जिलों में एक साथ हुई कार्रवाई से साफ है कि राज्य सरकार जेल सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान लगातार चलते रहेंगे.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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