बिहार चुनाव 2020 : दियारे की समस्याओं को लेकर उम्मीदवारों को घेर रहे मतदाता, जानें भाई बीरेंद्र से है किसका मुकाबला
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 30 Oct 2020 9:54 AM
भाई वीरेंद्र लगातार तीसरी बार जीत को लेकर चुनाव मैदान में खड़े हैं.
पटना/मनेर : बिहटा प्रखंड की 20 पंचायतों और मनेर प्रखंड की 19 पंचायतों को जोड़ कर बने मनेर विधानसभा क्षेत्र में खस्ताहाल ग्रामीण सड़कें और कटावग्रस्त दियारा बड़ा मुद्दा है. परिसीमन के बाद बनी इस सीट पर पिछले दस साल से राजद विधायक भाई वीरेंद्र का कब्जा है.
भाई वीरेंद्र लगातार तीसरी बार जीत को लेकर चुनाव मैदान में खड़े हैं. उनके मुकाबले भाजपा ने निखिल आनंद को उतारा है. 22 उम्मीदवारों में पूर्व विधायक श्रीकांत निराला निर्दलीय लड़ाई को त्रिकोणात्मक बनाने का प्रयास कर रहे हैं.
सात दशक बीत जाने के बाद भी मनेर के कई टोलों को आर्सेनिक युक्त पानी से मुक्ति नहीं मिल पायी है. वहीं, दियारा में पड़ने वाली छह पंचायतों में रहने वाली करीब 50 हजार की आबादी को अब भी मूलभूत सुविधाएं मयस्सर नहीं हो सकी हैं.
इसके अलावा दियारे के कई टोलों तक जाने वाली सड़कों का भी अभाव है. इस कारण चुनावी मौसम में मतदाता इन मुद्दों को लेकर स्थानीय उम्मीदवारों को घेर रहे हैं. इससे इतर उम्मीदवार मतदाताओं से विकास व रोजगार के वादे करते दिख रहे हैं.
सराय गांव के महेश कुमार ने बताया कि मनेर और सराय से जाने वाली ग्रामीण सड़क समेत गांव की सड़कें काफी बदहाल और खस्ताहाल हैं. शिकायत के बावजूद कोई पहल नहीं हुई. हुलासी टोला के रणजीत कुमार ने बताया कि दियारे की लगभग सड़कों की हालत काफी खराब है. वहीं शुद्ध पेयजल भी नहीं मिल पा रहा.
आर्सेनिक युक्त पानी पीकर लोग बीमार हो रहे हैं. शेरपुर के अरुण कुमार ने भी गांव की बदहाल और जर्जर सड़कों की चर्चा की. हल्दी छपरा के राजेश सिंह ने बताया कि दियारे की जमीन हर रोज गंगा नदी के कटाव में विलीन हो रही है. मनेर से हल्दी छपरा आने वाली सड़क काफी बदहाल और खस्ताहाल है.
बिहटा के श्रीकांत पांडेय कहते हैं कि बिहटा में भले ही बड़ी-बड़ी इमारतें बन रही हैं, लेकिन नाले का पानी सड़क पर बहता है. मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण और गंदगी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है. बिहटा की ही शिक्षक सुनीता कुमारी कहती हैं कि बरसात के दिनों में बिहटा में बने हजारों घरों के रास्ते बंद हो जाते हैं.
विधायक भाई वीरेंद्र कहते हैं कि मनेर में सड़क, पुल-पुलिया, सामुदायिक भवन, नाली-गली पीसीसी, चबूतरा, पेयजल समेत कई विकास के काम किये गये. सराय से मनेर को जोड़ने वाली बदहाल सड़क समेत, आर्सेनिक, कटाव, रिंग रोड सहित कई मुद्दों को विधानसभा में उठाया. लेकिन, सरकार ने मनेर के साथ सौतेलापन का रवैया अपना रखा है.
भाजपा उम्मीदवार निखिल आनंद कहते है कि मनेर की शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, किसान की बेहतरी के साथ ही मनेर को भयमुक्त व भ्रष्टाचार मुक्त बनाने और विकास के पायदान पर बिहार के मानचित्र पर स्थापित करने की मेरी मुहिम है. 30 साल से राजनीतिक गिरोहबंदी से व्यवस्था में जंग लगी है. इसके खिलाफ मनेर की जनता बदलाव के लिए बेचैन है. बदलाव से ही मनेर की जनता को अपना बेहतर भविष्य मिल सकता है.
Posted by Ashish Jha
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