Explainer: क्या होता है पीत पत्र? बिहार के शिक्षा विभाग में क्यों मचा है हड़कंप, जानें ये जरूरी बात

Updated at : 07 Jul 2023 1:40 PM (IST)
विज्ञापन
Explainer: क्या होता है पीत पत्र? बिहार के शिक्षा विभाग में क्यों मचा है हड़कंप, जानें ये जरूरी बात

बिहार के शिक्षा विभाग में इन दिनों एक पीत पत्र को लेकर काफी चर्चा हो रही है. शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर के आप्त सचिव ने विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को पीत पत्र लिख कर विभाग के कामकाज को लेकर मंत्री की तरफ से नाराजगी जाहिर की है.

विज्ञापन

बिहार के शिक्षा विभाग में इन दिनों एक पीत पत्र को लेकर काफी चर्चा हो रही है. शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर (Prof Chandrashekhar) के आप्त सचिव ने विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को पीत पत्र लिख कर विभाग के कामकाज को लेकर मंत्री की तरफ से नाराजगी जाहिर की है. इसके जवाब में विभाग ने आप्त सचिव डॉ कृष्णानंद यादव की योग्यता पर सवाल खड़ा करते हुए उनके शिक्षा विभाग में प्रवेश पर रोक लगा दी गयी. इसके बाद से पीत पत्र को लेकर काफी चर्चा हो रही है.

क्या होता है पीत पत्र

पीत पत्र एक पीले रंग का काजग होता है. इसका उपयोग सरकार के विभागों में किया जाता है. इस कागज पर लिखे पत्र का अर्थ है कि आदेश पारित किया गया या पत्र में लिखे बातों की तत्काल सूचना देनी है. पीत पत्र का इस्तेमाल विभाग के अध्यक्ष या मंत्री अपने नीचे के कर्मचारी या अधिकारी को आदेश देने या विभाग से जुड़ी जानकारी मांगने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसे आसान भाषा में शोकॉज नोटिस कह सकते हैं. इस कागज के ऊपर बिहार सरकार लिखा होता है. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में बिहार सरकार में भी पीत पत्र का इस्तेमाल समाप्त हो गया.

Also Read: बिहार के सात जिलों में होगी आफत की बारिश, बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवात, जानें आपके शहर का हाल
पीत पत्र में क्या लिखा था

शिक्षा मंत्री के आप्त सचिव डाॅ कृष्णा नंद यादव ने अपर मुख्य सचिव केके पाठक को लिखी चिट्ठी में बताया था कि मीडिया में नकारात्मक खबरें आने से विभाग की छवि धूमिल हो रही है. खासतौर पर इस पत्र में समाचार माध्यमों में आ रहे शब्द मसलन वेतन काटने, नट बोल्ट कसने, टाइट करने, झाडू मारने आदि पर सख्त एतराज जताया गया है. पत्र में कहा गया है कि शिक्षा मंत्री इस तरह की खबरों से नाराज हैं. अधिकारियों के कक्ष से लाइव टेलीकास्ट किया जा रहा है. अधिकारियों के पहुंचने से पहले मीडिया पहुंच जाती है. यह सरकारी नियमावली के खिलाफ है.

क्यों हुआ बवाल

पीत पत्र को लेकर बवाल इसलिए हो रहा है कि क्योंकि पीत पत्र लिखने का आधिकार मंत्री को होता है. इस मामले में शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर के आप्त सचिव डाॅ कृष्णा नंद यादव ने अपर मुख्य सचिव केके पाठक को लिखी है. शिक्षा मंत्री ने मामले की जानकारी लेने की बात कही है.

सीएम नीतीश कुमार ने मामले में किया हस्तक्षेप

शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर और विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के बीच उपजे विवाद को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहल की. सूत्रों के मुताबिक शिक्षा मंत्री को विभाग के कामकाज को सहज तरीके से चलाने की सलाह मिली. मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकलने के कुछ देर बाद शिक्षा मंत्री ने मुख्य सचिवालय जाकर वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी से भी मुलाकात की. यहां दोनों ने बंद कमरे में आधा घंटे से अधिक समय तक बातचीत की. इस दौरान विजय चौधरी ने शिक्षा मंत्री को विभाग के कामकाज को लेकर कई सुझाव दिये. विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सब कुछ सामान्य हो गया है और कहीं कोई विवाद नहीं है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन