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बिहार के सरकारी स्कूलों में हर दिन आधे घंटे तक करना होगा ये काम, शिक्षा विभाग ने सभी हेडमास्टरों को दिया नया टास्क

Updated at : 08 Apr 2025 5:16 PM (IST)
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Bihar Teacher News

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Bihar Teacher News: बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों की सुबह की शुरुआत को अब संस्कारिक और अनुशासित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है. शिक्षा विभाग ने सभी हेडमास्टरों को निर्देश दिया है कि हर दिन कक्षा शुरू होने से पहले आधे घंटे तक विशेष गतिविधियां कराई जाएं.

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Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को अनुशासित और प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में एक नया मॉडल टाइम टेबल लागू कर दिया गया है. अब सुबह की शुरुआत केवल घंटी बजने और कक्षा में बैठने से नहीं होगी, बल्कि बच्चों के मानसिक, नैतिक और शारीरिक विकास के लिए निर्धारित गतिविधियों से होगी.

शिक्षा विभाग ने लागू किया मॉडल टाइम टेबल

शिक्षा विभाग के मुताबिक, प्रातःकालीन सत्र वाले विद्यालयों में कक्षाएं शुरू होने से पहले सुबह 6:30 बजे से 7:00 बजे तक विशेष कार्यक्रमों का आयोजन अनिवार्य होगा. इस आधे घंटे में विद्यार्थियों को बिहार राज्य प्रार्थना, योग और व्यायाम, आज का प्रेरक विचार, भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन, किसी छात्र या शिक्षक की अभिव्यक्ति, सामान्य ज्ञान के सवाल, प्रेरक प्रसंग, ताज़ा समाचारों का वाचन और अंत में राष्ट्रगान में शामिल किया जाएगा. यह पूरी प्रक्रिया एक अनुशासित और सकारात्मक वातावरण का निर्माण करेगी, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों के मनोबल पर पड़ेगा.

सभी प्रधानाध्यापकों को मिले निर्देश

BEO उमेश कुमार ने बताया कि यह आदेश सभी स्कूलों में सख्ती से लागू होगा और किसी भी तरह की अनदेखी या शिथिलता पर कार्रवाई की जाएगी. सभी प्रधानाध्यापकों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से इस कार्यक्रम की निगरानी करें और अनुपालन सुनिश्चित करें.

शिक्षकों की लापरवाही पर अभिभावक नाराज

लेकिन जहां एक ओर सरकार विद्यालयों में अनुशासन और संस्कार का माहौल बनाना चाहती है, वहीं दूसरी ओर कुछ शिक्षक इस प्रयास को पलीता लगाने में लगे हैं. पश्चिम चंपारण जिले के पिपरासी क्षेत्र के मधुबनी प्रखंड से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं जहां कुछ शिक्षक सिर्फ उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर कर अपने घर लौट जाते हैं. विशेषकर वे शिक्षक जिनका घर स्कूल के पास है, वे स्कूल समय में बाजारों या अन्य जगहों पर घूमते देखे जा रहे हैं। इससे अभिभावकों में भारी आक्रोश है. लोगों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाए.

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बिहार सरकार का यह प्रयास निश्चित रूप से एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में संकेत है, लेकिन जब तक शिक्षक स्वयं अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं निभाएंगे, तब तक कोई भी योजना कागजों से बाहर नहीं निकल पाएगी. अब देखना होगा कि यह नया टाइम टेबल सिर्फ आदेश तक सिमट कर रह जाता है या ज़मीन पर भी बदलाव लाता है.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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