ePaper

Bihar Diwas: आज 109 साल का हो गया बिहार, इन मामलों सबसे आगे अपना राज्य, जानकर आपको भी होगा गर्व

Updated at : 22 Mar 2021 12:05 PM (IST)
विज्ञापन
Bihar Diwas: आज 109 साल का हो गया  बिहार, इन मामलों सबसे आगे अपना राज्य, जानकर आपको भी होगा गर्व

Bihar Diwas, Bihar Day, Bihar Diwas 2021, Bihar Divas, Bihar Foundation Day, Bihar Sthapna diwas, Bihar State Turns Today 109 Years Old, 109 Years Of Bihar: बिहार आज 109 साल को हो गया है. इन सौ से अधिक सालों में प्रदेश ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. पहले बंगाल से अलग होकर नया प्रदेश बनने फिर 1935 में ओड़िशा का अलग होना और अखिर में 2000 में झारखंड का अलग हो जाने का दंश झेल चुके बिहार ने बाद के सालों में कई क्षेत्रों में बुलंदियों को भी छुआ है.

विज्ञापन

Bihar Diwas: बिहार आज 109 साल को हो गया है. इन सौ से अधिक सालों में प्रदेश ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. पहले बंगाल से अलग होकर नया प्रदेश बनने फिर 1935 में ओड़िशा का अलग होना और अखिर में 2000 में झारखंड का अलग हो जाने का दंश झेल चुके बिहार ने बाद के सालों में कई क्षेत्रों में बुलंदियों को भी छुआ है. इतने वर्षों में बिहार में ऐसी कई चीजें हुईं हैं जो देश के लिए नजीर बना है.

शाषण प्रशासन के कई मामलों से लेकर सामाजिक आंदोलन के क्षेत्र में बिहार देश का रोल माडल बना है. महिलाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में पंचायती राज संस्थानों में आधी आबादी को आरक्षण देने तथा सरकारी नौकरियों में उन्हें 33 फीसदी सीटें सुरक्षित करने वाला बिहार देश का पहला राज्य है. पूर्ण शराबबंदी कानून को लागू करने वाला भी बिहार देश का इकलौता राज्य है. अब कई प्रदेशों से शराबबंदी के बिहार माडल को लागू करने की मांग उठ रही है.

सरकार ने हाल के दिनों में कई ऐसे भवन बनाये जो कला एवं निर्माण की दृष्टिकोण से उत्कृष्ट उदाहरण बन चुके हैं. बेली रोड पर बना बिहार संग्रहालय इनमें से एक है. पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बिहार दौरे के क्रम में से कुछ पल निकाल इस संग्रहालय को जाकर देखा. सभ्यता द्वार, विधानसभा का नया भवन और सरदार पटेल भवन ऐसे ही कुछ बेहतरीन उदाहरण हैं.

Bihar Diwas: एशिया का अनोखा ग्लास ब्रिज राजगीर में

एशिया का अनोखा ग्लास ब्रिज राजगीर में बन कर तैयार है. बिहार में चंपारण के तराइ इलाके से लेकर राजगीर, नालंदा, पावापुरी, बोधगया में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण के केंद्र हैं.

लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जमीन पर उतरी योजनाओं में भी बिहार देश की अगुवायी कर रहा है. साइकिल, पोशाक और बैग व जूते के लिए पैसे दिये जाने से लेकर इंटर की परीक्षा पास करने पर 25 हजार और स्नातक की परीक्षा पास करने पर 50 हजार रुपये प्रोत्साहन भत्ता के रूप में दिये जाने संबंधी सरकार के फैसले ऐसे ही उदाहरण हैं.

Bihar Diwas: बिहार ने जमींदारी उन्मूलन कानून

आजादी के बाद के आरंभिक दिनों में ही बिहार ने जमींदारी उन्मूलन कानून बनाया. पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के कार्यकाल में तत्कालीन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री केबी सहाय की अगुवाइ में यह काम धरातल पर उतरा. पिछले डेढ़ दशकों में राज्य सरकार के कार्यों ने देश-विदेश में बिहार की अलग पहचान दिलायी.

Bihar Diwas: ब्यूरोक्रेसी के क्षेत्र में टॉप पर बिहार

भ्रष्ट लोकसेवकों की संपत्ति को जब्त करने और उनमें सरकारी स्कूल खुलवाने, विधायक फंड की समाप्ति, पर्यावरण की रक्षा के लिए जल जीवन हरियाली योजना शुरू करने, शराबबंदी और बाल विवाह एवं दहेज मुक्त विवाह जैसे सामाजिक आंदोलन के पक्ष में विशाल मानव श्रृंखला बनाये जाने का रिकार्ड भी बिहार के ही नाम है. ब्यूरोक्रेसी के क्षेत्र में टॉप पर रहने वाले बिहार के अधिकारी भी भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख पदों को सुशोभित कर रहे हैं. यहीं नहीं, कई राज्यों के मुख्य सचिव व डीजीपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर बिहारी मूल के ही अधिकारी काबिज हैं.

इनपुट: मिथिलेश (पटना)

Posted By: Utpal Kant

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन