बिहार में अब आप भी खोल सकते हैं ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल, सरकार करेगी 20 लाख की मदद, जानें- सीएम नीतीश ने क्या कहा

बिहार के किसी भी जिले में अब निजी क्षेत्र (Private Sector) में भी कोई भी इच्छुक संस्थान या व्यक्ति ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल (Driving Training School) खोल सकता है. इस संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने मंगलवार को कहा कि राज्य के सभी जिलों में पीपीपी मोड में आधुनिक सुविधाओं से युक्त तकनीक आधारित ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना के लिए पहल की गयी है. इसके लिए सड़क सुरक्षा निधि से 20 लाख रुपये अनुदान दिया जाएगा.
बिहार के किसी भी जिले में अब निजी क्षेत्र (Private Sector) में भी कोई भी इच्छुक संस्थान या व्यक्ति ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल (Driving Training School) खोल सकता है. इस संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि राज्य के सभी जिलों में पीपीपी मोड में आधुनिक सुविधाओं से युक्त तकनीक आधारित ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना के लिए पहल की गयी है. इसके लिए सड़क सुरक्षा निधि से 20 लाख रुपये अनुदान दिया जाएगा.
इलेक्ट्रिक बसों सहित अन्य बसों के परिचालन का शुभारंभ करने के बाद सीएम नीतीश ने उक्त बातें कहीं. उन्होंने कहा कि राज्य योजना के अंतर्गत जिला परिवहन कार्यालयों के क्षमता संवर्द्धन और नागरिकों की सुविधा के लिए आधुनिक जिला परिवहन कार्यालय-सह-सुविधा केंद्रों का निर्माण सभी जिलों में कराया जा रहा है. सीएम ने रिमोट के माध्यम से परिवहन विभाग की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया.
जहानाबाद, बक्सर, गया और मधेपुरा में आधुनिक जिला परिवहन कार्यालय सह-सुविधा केंद्रों का मंगलवार को शुभारंभ किया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना जिले के बिहटा, सिकंदरपुर में 19.65 करोड़ से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से अत्याधुनिक इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन सेंटर बनाया जा रहा है.
इसके लिए बिहार सरकार ने बिहटा में तीन एकड़ जमीन उपलब्ध करायी गयी है. सीएम ने कहा, इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन सेंटर में सभी व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच अत्याधुनिक मशीनों की सहायता से ऑटोमेटेड तरीके से की जायेगी और वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जायेगा.
सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए भी कई कार्य और इंतजाम किये जा रहे हैं. चालकों की ट्रेनिंग, वाहन जांच वाहन निरीक्षण आदि के लिए भी संस्थानों का निर्माण कराया जा रहा है. दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग लगातार काम कर रहा है और राष्ट्रीय स्तर पर भी इसके लिए निर्णय किया गया है. हमलोगों ने इसे लेकर कमेटी बनायी है और उसके आधार पर कार्य किये जा रहे हैं. इलेक्ट्रिक व्हीकलस के आने से लोगों का खर्च कम होगा. दुर्घटनाएं भी कम होंगी. पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इथेनॉल के निर्माण के लिए हमलोग काम कर रहे हैं. गन्ने से चीनी के निर्माण के साथ-साथ राज्य में इथेनॉल का भी उत्पादन होगा. पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाया जायेगा. सबसे बड़ी बात है कि लोगों के लिए आज इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत हो गयी है और लोग इससे प्रेरित होंगे. हमने बस के भीतर सारी सुविधाओं की जानकारी ली है. गाड़ी को मेंटेन करने वाले भी ट्रेंड हैं. हमलोग इसी बस से सफर करते हुए विधानसभा पहुंचे हैं. यह काफी आरामदायक है.
Posted By: Utpal Kant
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By Prabhat Khabar News Desk
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