भोजपुरी-मगही मामला: हेमंत सोरेन पर बोले नीतीश कुमार- दोनों राज्य एक ही परिवार जिन्हें लाभ लेना है,वे लेते रहें
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 Sep 2021 10:21 AM
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल में मगही व भोजपुरी भाषाओं को लेकर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि बिहार और झारखंड भाई हैं. एक ही परिवार के सदस्य हैं.
पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल में मगही व भोजपुरी भाषाओं को लेकर झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि बिहार और झारखंड भाई हैं. एक ही परिवार के सदस्य हैं. आपस में गहरा संबंध है. पता नहीं कुछ लोग पॉलिटकली क्या बोलते रहते हैं, यह समझ में नहीं आता है. अगर किसी को इससे लाभ मिलता है, तो वे लाभ लेते रहें.
सोमवार को वह जनता के दरबार कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भाषा कई स्थानों और राज्यों में बोली जाती है. बिहार की कुछ भाषाएं यूपी और झारखंड में भी बोली जाती हैं. वहां की कई भाषाएं यहां भी लोग बोलते हैं. यहां के कुछ इलाकों में पश्चिम बंगाल की भाषा बोली जाती है. हमारी समझ से यह कोई बात नहीं है.
हमलोग यह सब नहीं सोचते हैं. झारखंड के प्रति प्रेम और सम्मान का पूरा भाव है. उन्होंने कहा कि बिहार का बंटवारा वर्ष 2000 में हुआ है, इससे पहले दोनों एक ही थे. लेकिन, अलग होने के बाद भी झारखंड के एक-एक लोगों के प्रति काफी इज्जत है. उसी श्रद्धा के साथ आज भी उन्हें देखते हैं. बिहार के लोगों को झारखंड के प्रति और झारखंड के लोगों को बिहार के प्रति काफी प्रेम है. दोनों को एक दूसरे पर कुछ भी बोलने की आवश्यकता नहीं है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दोनों राज्यों का बंटवारा हुआ था, तो कितनी मायूसियत हो गयी थी. लेकिन, अब यहां के लोगों को बंटवारा से संबंधित कोई ध्यान नहीं रहता है. बिहार-झारखंड एक था, तो वहां काफी शिक्षण संस्थानों और पुलिस ट्रेनिंग केंद्र तक का निर्माण कराया गया था. पहले यहां के लोग वहां काफी जाते थे. लेकिन, अब यहां काफी विकास हुआ है. कई संस्थान समेत पुलिस ट्रेनिंग सेंटर तक यहां बन गया है.
अब बिहार में सभी तरह के शिक्षण संस्थान हैं. पहले की तुलना में अब बिहार में काफी बदलाव आया है. अब यहां के लोग वहां नहीं जाते हैं. फिर भी किसी को बिहार में झारखंड के प्रति गलत भावना नहीं है. इसी तरह झारखंड में भी किसी के प्रति अपमान का भाव नहीं है. झारखंड के लोगों के मन में बिहार के प्रति काफी प्रेम है. राजनीतिक तौर कुछ लोग बोलते रहते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर विशेष टीकाकरण अभियान के तहत 30 लाख टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इससे कहीं ज्यादा 33 लाख टीकाकरण हुआ. इस प्रगति को देखते हुए यह तय हो गया कि छह महीनों में छह करोड़ टीकाकरण के लक्ष्य को हमलोग पार कर लेंगे.
सीएम ने कहा कि वैक्सीनेशन का काम हर हाल में करवा देना है. इसके अलावा जांच के लिए भी पूरी तरह से सजग रहने के लिए कहा गया है. खासकर जिन राज्यों में केस ज्यादा हैं, वहां से आने वाले लोगों की खासतौर से जांच हो रही है. एक संक्रमित व्यक्ति भी कहीं आ जाता है, तो वहां छह-सात लोग तुरंत संक्रमित निकल जाते हैं.
ऐसे में जांच को निरंतर करते रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को पहला डोज लेने के बाद दूसरा डोज लेने की इच्छा नहीं होती है. ऐसे लोगों के पीछे लगकर उन्हें समझा कर दूसरा डोज भी दिलाया जा रहा है. इसकी नियमित मॉनीटरिंग भी चल रही है.
Posted by Ashish Jha
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