रामानंद तिवारी को नहीं भूलेगा बिहार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Apr 2016 2:34 AM (IST)
विज्ञापन

मूल्य और आदर्श ही था सिंबल याद करने के लिए गृह क्षेत्र में नहीं है कोई प्रतीक चिह्न बिहिया : सामाजिक न्याय के झंडा को बुलंद कर परिवर्तन की अंगड़ाई लाने वाले समाजवादी नेता स्व पंडित रामानंद तिवारी की 37 वीं पुण्यतिथि मंगलवार को है सन् 1942 की अगस्त क्रांति के बिहारी नायक, कुशल राजनेता […]
विज्ञापन
मूल्य और आदर्श ही था सिंबल
याद करने के लिए गृह क्षेत्र में नहीं है कोई प्रतीक चिह्न
बिहिया : सामाजिक न्याय के झंडा को बुलंद कर परिवर्तन की अंगड़ाई लाने वाले समाजवादी नेता स्व पंडित रामानंद तिवारी की 37 वीं पुण्यतिथि मंगलवार को है सन् 1942 की अगस्त क्रांति के बिहारी नायक, कुशल राजनेता और लोकप्रिय जनप्रतिनिधि रह चुके पंडित रामानंद तिवारी का व्यक्तित्व और संघर्ष गाथा प्रेरणा का स्त्रोत है. गरीब, दलित व पिछड़ों की निश्छल सेवा कर उनके हक व मान-सम्मान की जंग लड़ने वाले और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले रामानंद तिवारी का मूल्य व आदर्श हीं सिंबल था.
भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के रमडिहरा गांव में 1906 में अत्यंत हीं गरीब परिवार में जन्मे रामानंद का बचपन अभाव और मुश्किलों में बीता, लेकिन कहते हैं कुछ लोग अपने लिए धरती पर आते हैं तथा कुछ लोग समाज के लिए. कुछ ऐसे हीं व्यक्ति थे रामानंद तिवारी जो समाज के लिए हीं जीते थे. रामानंद तिवारी का जन्म बंग -भंग आंदोलन की गोद में बिहार व देश की तकदीर व तस्वीर सजाने के लिए हुई.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










