होलिका दहन में भद्रा की काली छाया

Published at :22 Mar 2016 5:51 AM (IST)
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होलिका दहन में भद्रा की काली छाया

23 के भोर में होलिका दहन का है शुभ मुहूर्त आरा : ग्रह नक्षत्रों का उचित संयोग न बनने से होलिका दहन में पेच फंसा है. तकरीबन 60 साल बाद ऐसा संयोग बना है जब चतुर्दशी और पूर्णिमा का मान स्पष्ट नहीं है. इसमें भद्रा पड़ने से स्थिति और उलझ गयी है. लिहाजा, धर्मग्रथों के […]

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23 के भोर में होलिका दहन का है शुभ मुहूर्त

आरा : ग्रह नक्षत्रों का उचित संयोग न बनने से होलिका दहन में पेच फंसा है. तकरीबन 60 साल बाद ऐसा संयोग बना है जब चतुर्दशी और पूर्णिमा का मान स्पष्ट नहीं है. इसमें भद्रा पड़ने से स्थिति और उलझ गयी है. लिहाजा, धर्मग्रथों के निर्देशानुसार इस बार होलिका दहन 23 मार्च के भोर में होगा. यानी सूर्योदय से पहले अगर होलिका दहन न हुआ, तो उसका उचित संयोग नहीं मिल पायेगा. होलिका दहन के बाद रंगों का पर्व होली मनायी जायेगी.
कुछ विद्वानों का मत है कि रंग 23 के बजाय 24 मार्च को खेलना उचित रहेगा. विद्वानों व ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 22 मार्च को दिन में 2.29 तक रहेगी. इसके बाद पूर्णिमा तिथि लगेगी जो 23 मार्च को दिन में 4.08 बजे तक रहेगी, जो 22 मार्च को दिन में 2.29 से रात 3.19 बजे तक भद्रा भी रहेगा. भद्रा में होलिका दहन व राखी बांधना वर्जित है. वहीं, होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में ही होना चाहिए.
23 मार्च को 5.58 बजे सूर्योदय होगा. ऐसे में होलिका दहन भद्रा के बाद यानी 23 मार्च को भोर 3.20 से 5.58 बजे के पहले करना चाहिए. निर्णय सिंधु व धर्म सिंधु का हवाला देते हुए कहा गया है कि रंग पूर्णिमा में नहीं प्रतिप्रदा तिथि में खेलना चाहिए. यह स्थिति 24 मार्च को बनेगी.
होली की तैयारी. बाजारों में बढ़ी चहल-पहल, दुकानों में उमड़ी ग्राहकों की भीड़
भीड़ ऐसी िक पैदल चलना भी मुश्किल
किराना, कपडा, जूते-चप्पल, रंग-पिचकारी की दुकानें सजीं
बाजार क्षेत्र में यातायात समस्या हुई जटिल
ग्रामीण क्षेत्र के हाट-बाजारों में भी उमड़ रहे ग्राहक
आरा :होली की खरीदारी को लेकर शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में भीड़ उमड़ रही है. हर तरफ चहल-पहल बढ़ गयी है. कपड़ा, जूता-चप्पल, किराना, रंग-गुलाल व पिचकारी की दुकानों में दिन भर ग्राहकों की भीड़ लगी रही. इससे पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी
तरह चरमरा गयी. साइकिल, मोटरसाइकिल, ठेला, चारपहिया वाहनों की रेलमपेल में पैदल चलना भी दूभर हो गया तथा यातायात की समस्या भी काफी जटिल बन गयी. शहर के चौक-चौराहों पर यातायात पुलिस को दिन भर पसीने छूटते रहे. वहीं, बच्चों की टोली रंग व पिचकारी खरीदने में ज्यादा मशगूल रहे.
ग्रामीण क्षेत्र के हाट-बाजार भी लगी रही भीड़ : ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में भी खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही. जिले के पीरो, जगदीशपुर, गड़हनी, सहार, संदेश, कोइलवर, शाहपुर, बिहिया, अगिआंव आदि ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख हाट-बाजारों की दुकानों में सामानों की खरीदारी के लिए ग्राहकों की भीड़ लगी रही.
पीरो में शांति समिति की हुई बैठक : होली का त्योहार शांतिपूर्वक और सद्भाव के माहौल में मनाये जाने को लेकर पीरो थाना परिसर में सोमवार को शांति समिति की बैठक हुई, जिसमें एसडीओ सुमन कुमार, बीडीओ मनोरंजन पांडेय, सीओ जयप्रकाश मिश्र, थानाध्यक्ष धीरेंद्र पांडेय और नगर पंचायत के अध्यक्ष संतोष कुमार के अलावा दर्जनों लोग शामिल हुए. बैठक में त्योहार को आपसी भाईचारा और प्रेम के साथ मनाये जाने की अपील की गयी. बैठक में मदन स्नेही, अरुण सिंह समेत दर्जनों लोग मौजूद थे.
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