कोईलवर पुल बना अपराधियों का अड्डा

Updated at :10 Feb 2015 9:11 AM
विज्ञापन
कोईलवर पुल बना अपराधियों का अड्डा

त्रासदी : अब्दुलबारी पुल पर कभी भी हो सकती हैं कोई बड़ी दुर्घटना कोईलवर : भोजपुर जिले के प्रवेश द्वार व आरा-पटना का लाइफ लाइन के रूप में विख्यात अब्दुलबारी रेल सह रोड पुल आज भी ऐतिहासिकता की जीवंतता बंया कर रही है़ अब्दुलबारी पुल पर जहां ऊपर से हावड़ा-दिल्ली का मुख्य रेल मार्ग गुजरता […]

विज्ञापन
त्रासदी : अब्दुलबारी पुल पर कभी भी हो सकती हैं कोई बड़ी दुर्घटना
कोईलवर : भोजपुर जिले के प्रवेश द्वार व आरा-पटना का लाइफ लाइन के रूप में विख्यात अब्दुलबारी रेल सह रोड पुल आज भी ऐतिहासिकता की जीवंतता बंया कर रही है़ अब्दुलबारी पुल पर जहां ऊपर से हावड़ा-दिल्ली का मुख्य रेल मार्ग गुजरता है. वहीं पुल के निचले भाग से एनएच 30 गुजरता है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर पुल पर कोई इंतजाम नहीं है़ पुल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति बेखौफ कुछ भी लेकर पार हो जाता है.
इसकी बानगी कई बार देखने को मिली है, जब पुलिस ने महुआ शराब व गांजे की बड़ी खेप पकड़ी है़ पुल के पूर्वी व पश्चिमी छोर पर यातायात के जवानों की तैनाती तो होती है, मगर सवाल यह है कि ये जवान पुल की सुरक्षा करें या पुल पर यातायात व्यवस्था को संधारित करें
ऐतिहासिक दृष्टि से गौरवपूर्ण है पुल की महत्ता : यह पुल अंगरेजी हुकूमत के स्थापत्य कला और प्राचीन समय के इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है़ रेल सह रोड पुल की नींव ब्रिटिश सरकार के द्वारा रखी गयी थी़ इंटरनेट से प्राप्त सूचना के अनुसार 17 फरवरी, 1857 में इस्ट इंडिया रेल कंपनी द्वारा लैटिक ग्रिडर पद्घति के तहत डिजाइन किये गये इस पुल के लिए सर्वे किया गया था, जिसके नियुक्त अधिकारी जॉर्ज टर्नबुल ने 1862 में इस पुल का स्थल निरीक्षण किया था़
5350 फिट के पुल का कार्य सन् 1862 में 5280 फिट पूरा कर लिया गया था़ पुल की कुल लंबाई चौदह सौ मीटर है. पूरे पुल को अठाइस खंभे सोन नदी के निर्मल जलधरा में बने हैं. अंतत: ब्रिटिश काल के दौरान ही पुल को सन् 1900 में आवगमन के लिए खोल सुपुर्द कर दिया गया़
सड़क व रेल मार्ग का होता है परिचालन : अठाइस विशालकाय खंभे पर खड़ा इस ऐतिहासिक पुल पर सड़क मार्ग के लिए दो लेन हैं, जिसमें एक बड़ा और दूसरा छोटा लेन है. दोनों लेन से वाहनों का आना-जाना बारी-बारी से होता है़ वहीं रेल मार्ग में भी दो अप-डाउन लाइन है, जिससे लगभग पांच दर्जन ट्रेन रोज अपने गंतव्य को आते-जाते है़ इसके बावजूद भी इस पुल के रख-रखाव व सुरक्षा की समुचित व्यवस्था नहीं की गयी है़
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन