हाइ कोर्ट के निर्देश के बाद भी नहीं तोड़े गये स्पीड ब्रेकर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :20 Feb 2020 6:47 AM (IST)
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आरा : पटना हाइकोर्ट ने सड़कों पर अवैध रूप से बने सभी स्पीड ब्रेकर को तोड़ने का निर्देश दिया है, ताकि वाहन चालन में किसी तरह की परेशानी नहीं हो, लेकिन न्यायालय के निर्देश के बाद भी जिले में अवैध स्पीड ब्रेकरों को नहीं तोड़ा गया. इससे वाहनचालकों को काफी परेशानी हो रही है. बेतरतीब […]
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आरा : पटना हाइकोर्ट ने सड़कों पर अवैध रूप से बने सभी स्पीड ब्रेकर को तोड़ने का निर्देश दिया है, ताकि वाहन चालन में किसी तरह की परेशानी नहीं हो, लेकिन न्यायालय के निर्देश के बाद भी जिले में अवैध स्पीड ब्रेकरों को नहीं तोड़ा गया. इससे वाहनचालकों को काफी परेशानी हो रही है.
बेतरतीब ढंग से बनाये गये हैं स्पीड ब्रेकर : वैसे तो पथ निर्माण विभाग के नियमानुसार स्पीड ब्रेकर बनाने का प्रावधान है, पर इसके लिए स्थान आदि निर्धारित किये गये हैं. अनावश्यक जगहों पर स्पीड ब्रेकर नहीं बनाना है, पर जिले में सड़कों के अलावे गलियों में भी बेतरतीब ढंग से व काफी संख्या में स्पीड ब्रेकर बनाये गये हैं. इस पर पथ निर्माण विभाग द्वारा किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है.
बिना अनुमति नहीं बना सकता कोई स्पीड ब्रेकर : जिले की विभिन्न सड़कों पर नियमों को तोड़ते हुए स्पीड ब्रेकर बना दिये गये हैं. बेहद जरूरी होने पर मामला जिला यातायात सुरक्षा समिति के पास जाता है और उसके अनुमोदन के बाद ही निश्चित मापदंड के अनुरूप ब्रेकर बनवाये जाते हैं. इसका पालन जिले में नहीं होता है. जिसको जब जहां मन स्पीड ब्रेकर बना देता है.
गर्भवती महिलाओं व बुजुर्गों के लिए भी घातक : बिना मानक के ब्रेकर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए घातक हैं. इससे मिलनेवाले झटके दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है. जिले की सड़कों पर घटिया क्वालिटी और नियम विरुद्ध बने स्पीड ब्रेकर्स से गुजरने पर वाहन चालकों की रीढ़ की हड्डी को झटका लगता है. इससे हडि्डयां क्रेक या मसल्स खराब हो सकती है. यह धीरे-धीरे कुछ दिनों बाद कमर दर्द के रूप विकसित हो जाता है.
बनाने के लिए लेनी पड़ती है अनुमति :
स्पीड ब्रेकर यातायात व्यवस्था का एक अचूक उपकरण है. स्पीड ब्रेकर ट्रैफिक पुलिस व पीडब्ल्यूडी की अनुमति के बाद ही बनाये जा सकते हैं. विभाग के अधिकारी ब्रेकर की आवश्यकता की जांच करने के बाद निर्माण की अनुमति देते हैं.
जिले में है 5000 से अधिक स्पीड ब्रेकर : जिले में 5000 से अधिक स्पीड ब्रेकर बनाये गये हैं. स्टेट हाइवे, नेशनल हाइवे, मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड, डिस्ट्रिक्ट रोड सहित अन्य सड़कों पर इनका निर्माण किया गया है. इतना ही नहीं मोहल्लों की गलियों में भी कई जगह स्पीड ब्रेकरों का निर्माण किया गया है.
स्पीड ब्रेकर को पेंट करना है जरूरी : स्पीड ब्रेकर को चमकीले काले व उजले बैंड में पेंट करना जरूरी होता है, ताकि दूर से ही चालकों को इसकी जानकारी हो जाये. रात में दिखाई पड़ने के लिए एंबेडेड कैट आइ का भी प्रयोग किया जाना चाहिए, पर जिले में 95 प्रतिशत स्पीड ब्रेकर पर पेंटिंग नहीं किया गया है.
चेतावनी चिह्न का होना जरूरी : गति कम करने व दुर्घटना से बचने के लिए ड्राइवरों की जानकारी को लेकर स्पीड ब्रेकर से 40 मीटर की दूरी पर चेतावनी चिह्न का बोर्ड लगा होना चाहिए. इसके लिए आइआरसी 67 :1977 कोड ऑफ प्रैक्टिस फॉर रोड साइंस के गाइडलाइन के अनुसार बनाना चाहिए.
बोले कार्यपालक अभियंता
कई स्पीड ब्रेकर को तोड़ा गया है. इसमें पुलिस प्रशासन के सहयोग की आवश्यकता होती है. यह दोनों विभागों का मामला है. पुलिस से सहयोग लेकर अवैध रूप से बनाये गये स्पीड ब्रेकरों को तोड़ा जायेगा.
जितेंद्र कुमार, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग
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