झोलाछाप महिला डॉक्टर व दो को दस-दस वर्ष की कैद

By Prabhat Khabar Digital Desk
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आरा : गैर इरादतन हत्या के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश-13 संदीप मिश्रा ने आरोपित कथित झोला छाप महिला चिकित्सक सुनीता देवी व मरीज को बरगलाकर लाने वाला श्रीभगवान प्रसाद उर्फ शाहरुख खान को दस-दस वर्ष की सश्रम कैद व अर्थदंड की सजा सुनायी. अभियोजन का संचालन अपर लोक अभियोजक विनीता कुमारी ने किया था.

उन्होंने बताया कि मुफ्फसिल थाना अंतर्गत जमीरा गांव निवासी राजकपूर राय ने छह सितंबर, 2012 को प्रसव वेदना से पीड़ित अपनी पत्नी सरिता देवी को आरा सदर अस्पताल लेकर आया था. वहां पर शाहरुख खान उर्फ श्रीभगवान प्रसाद ने प्रसूतिका के बेहतर इलाज के लिए बरगलाकर महावीर टोला आरा स्थित चिकित्सक सुनीता देवी की क्लिनिक पर ले आया.
चिकित्सक सुनीता देवी ने पीड़िता को सूई व दवा दी. लेकिन उसका हालत खराब होने लगी. जब इसकी शिकायत उक्त चिकित्सक से की गयी, तो उसने कहा कि ठीक हो जायेगी. प्रसूतिका सरिता देवी की मौत सात सितंबर को हो गयी. घटना को लेकर मृतका के पति ने थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
पुलिस ने अनुसंधान के दौरान शाहरुख खान का असली नाम श्रीभगवान प्रसाद बताया था. एपीपी विनीता ने बताया कि सुनीता देवी ने कोर्ट के समझ चिकित्सक की डिग्री प्रस्तुत नहीं की थी. सजा की बिंदु पर सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मिश्रा ने गैर इरादतन हत्या करने का दोषी पाते हुए आरोपित सुनीता देवी व श्रीभगवान प्रसाद उर्फ शाहरुख खान को दस-दस वर्ष की सश्रम कैद व 25-25 हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनायी.
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