पुलिस ने लिया होता संज्ञान, तो बच सकती थी यमुना की जान
Updated at : 13 Jun 2019 6:16 AM (IST)
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आरा/बिहिया : जिले के बहोरनपुर ओपी अंतर्गत उमरागंज गांव में बुधवार को हुई घटना पुलिस की विफलता के कारण महज प्राथमिकी दर्ज करने के बाद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गयी, जिससे यह घटना हुई. 10 जून को श्रीभगवान यादव व एतवारू सिंह के बीच मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें एतवारू सिंह के […]
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आरा/बिहिया : जिले के बहोरनपुर ओपी अंतर्गत उमरागंज गांव में बुधवार को हुई घटना पुलिस की विफलता के कारण महज प्राथमिकी दर्ज करने के बाद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गयी, जिससे यह घटना हुई.
10 जून को श्रीभगवान यादव व एतवारू सिंह के बीच मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें एतवारू सिंह के पक्ष के लोगों ने श्रीभगवान सिंह के घर पर चढ़कर उनके पुत्र भुवनेश्वर यादव के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया था. इस मामले में श्रीभगवान सिंह के पुत्र भुवनेश्वर यादव ने बहोरनपुर ओपी में 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
11 जून को अगर पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए इस मामले में कार्रवाई हुई होती तो शायद 12 जून को गोलीबारी की घटना नहीं होती, जिसमें गोलीबारी की इस घटना में यमुना यादव की मौत हो गयी. यह सभी लोग एतवारू सिंह के लोग बताये जाते हैं. घटना के बाद पूरे गांव में तनाव व्याप्त है. पुलिस एहतियात के तौर पर कैंप कर रही है. जिले में अत्यधिक घटनाएं जमीन विवाद में होती है.
जमीन विवाद के मामले में हर शनिवार को सभी थाना क्षेत्रों में जनता दरबार लगाया जाता है, जिसमें थानाध्यक्ष और सीओ की मौजूदगी होती है. अधिकांश मामलों में देखा जाता है कि पुलिस जांच के नाम पर समय टालती है. इस कारण इस तरह की घटनाएं होती है. बहरहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
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