तपती धूप में विवश दिख रही लोगों की जिंदगी

Updated at : 01 May 2019 6:20 AM (IST)
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तपती धूप में विवश दिख रही लोगों की जिंदगी

आरा : गर्मी के ताप को झेलना लोगों के लिए असहज हो रहा है. हालात यह है मानो आसमान से आग बरस रहा हो. इस कारण सड़कों पर दिनभर वीरानगी छायी रहती है. नगर सहित जिले में प्याऊ की व्यवस्था लगभग नहीं होने के कारण राहगीरों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है. उनकी […]

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आरा : गर्मी के ताप को झेलना लोगों के लिए असहज हो रहा है. हालात यह है मानो आसमान से आग बरस रहा हो. इस कारण सड़कों पर दिनभर वीरानगी छायी रहती है. नगर सहित जिले में प्याऊ की व्यवस्था लगभग नहीं होने के कारण राहगीरों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है.

उनकी स्थिति काफी खराब हो जा रही है. जिले का तापमान 43 डिग्री को छू रहा है. हालात यह है लोग बाहर निकलते ही धूप के कारण झुलसा हुआ महसूस कर रहे हैं. सुबह से लेकर शाम तक किसी भी समय लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रहा है.
खासकर स्कूली छात्रों को काफी परेशानी हो रही है. भीषण गर्मी के कारण लोगों को अपनी
दिनचर्या बदलने को मजबूर होना पड़ रहा है. सुबह नौ बजे से ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है. यही स्थिति शाम लगभग पांच बजे तक रह रही है. गर्मी के हालात को देखते हुए स्कूलों के समय को बदल दिया गया है. ताकि बच्चों को परेशानी से बचाया जा सके. प्रचंड गर्मी से मानव की कौन कहे, पशु- पक्षी सभी लाचार और परेशान हैं. लोगों को परेशानी में ऊमस की भी महत्वपूर्ण भूमिका रह रही है.
जरूरत के अनुसार जिले में उपलब्ध है बिजली : प्रचंड गर्मी की स्थिति में जिलेवासियों के लिए राहत की बात यह है कि जरूरत के अनुसार साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा जिले को बिजली उपलब्ध करायी जा रही है. पूर्व की भांति अभी भी विभाग द्वारा 140 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जा रही है.
इस कारण घरों में लोग राहत की सांस ले रहे हैं. इस संबंध में विद्युत अधीक्षण अभियंता संजय कुमार बरियो ने बताया कि जिले को पर्याप्त बिजली मिल रही है. जितनी आवश्यकता है, उतनी बिजली उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि स्थानीय फॉल्ट को ठीक करने के लिए कभी-कभार थोड़ी देर के लिए बिजली काटी जा रही है.
आठ फुट नीचे खिसका भू-जल स्तर
प्रचंड गर्मी के कारण जिले में जल स्तर में काफी गिरावट आयी है. कई क्षेत्रों में चापाकल में पानी काफी नीचे चला गया है. जिले में लगभग आठ फुट पानी के स्तर में कमी आयी है. इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. अगिआंव प्रखंड के बेरथ व नारायणपुर में कई चापाकल सूख गये हैं.
हालांकि आरा सहित जिले के सभी प्रखंडों में चापाकलों से काफी कम मात्रा में पानी निकल पा रहा है. गर्मी की यही स्थिति बनी रही तो मई तक कई प्रखंडों में अधिकांश चापाकल सूखने की संभावना है. इसे लेकर नलकूप विभाग के कार्यपालक अभियंता मनीष मंजुल ने बताया कि जल स्तर काफी नीचे चला गया है. पानी का लोग काफी दुरुपयोग कर रहे हैं .
दूसरी तरफ गर्मी की स्थिति काफी भयावह है. लोगों को जरूरत के अनुसार पानी खर्च करना चाहिए .अनावश्यक पानी की बर्बादी नहीं करनी चाहिए . उन्होंने कहा कि जिले के सात प्रखंडों में भू जल स्तर की माफी की जाती है. भू जल स्तर के मापी से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि पानी का जल स्तर काफी नीचे चला गया है.
तीस प्रतिशत तक घट चुकी हैं बिक्री
भीषण गर्मी के कारण लोग गांव से आरा नहीं आ रहे हैं. इस कारण खरीदारी काफी प्रभावित हुई है. बाजार के प्रभावित होने का आलम यह है कि 30 प्रतिशत तक बिक्री घट चुकी है. हालांकि अभी शादी-विवाह का मौसम है. फिर भी अधिकांश लोग आरा आने की जगह स्थानीय बाजारों में ही खरीदारी करना बेहतर समझ रहे हैं.
ताकि गर्मी से बचा जा सके. इस संबंध में लल्लू भाई साड़ीवाले ने बताया कि गांव से काफी कम संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं. वहीं स्वर्ण व्यवसायी आशु जी ने बताया कि बिक्री काफी प्रभावित हुई है. 30 प्रतिशत तक बाजार पर प्रभाव पड़ा है.
क्या है बचाव के उपाय
डॉ सिन्हा ने कहा कि गर्मी की स्थिति में लोगों को धूप में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. जब भी निकले, पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर निकलें. ताकि शरीर की इम्युनिटी बनी रहे .आंखों को तेज धूप से बचाएं. कै और दस्त होने की स्थिति में ओआरएस का घोल पर्याप्त मात्रा में लें. तेज बुखार होने पर मरीज को ठंडे पानी से स्नान कराएं ताकि टेंपरेचर घट जाये. वहीं विशेष स्थिति में चिकित्सक से सलाह लें.
गर्मी से कई बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं लोग
गर्मी के कारण कई तरह की बीमारियों से लोग आक्रांत हो रहे हैं. पछुआ की तपिश के कारण लोग लू का शिकार हो रहे हैं. इसे लेकर सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ सतीश कुमार सिन्हा ने बताया कि गर्मी के कारण तेज बुखार व कै-दस्त हो सकता है. सन बर्न ,चमड़े की बीमारी हो सकती है. वहीं बेहोशी आ सकती है. आंखों में लाली की स्थिति बन सकती है. डायरिया व कन्वर्शन, पसीने से फंगल इन्फेक्शन सहित कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं.
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