आरा : मुगलसराय डिवीजन के तहत आनेवाले आरा-सासाराम रेलखंड पर स्थित मानव रहित रेलवे क्राॅसिंग को रेलवे बंद करने जा रहा है ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके. पटना-मुगलसराय रेलखंड के मुकाबले आरा-सासाराम रेलखंड पर ज्यादा मानव रहित रेलवे क्रासिंग है. इसके कारण आये दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं. इसे रोकने के लिए रेलवे ने यह पहल शुरू कर दी है.
इस साल रेलवे की ओर से घोषित बजट में बिहार के 449 मानव रहित रेलवे क्रासिंग को बंद करने का लक्ष्य रखा गया है. रेलवे 2020 तक सभी मानवरहित रेलवे फाटक को बंद करने जा रहा है. इन फाटकों को बंद करने के बाद अंडर पास बनाया जायेगा ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो. क्रासिंग के कार्य के लिए 56.67 करोड़ रुपये रेलवे ने इस बजट में जारी किया है.
एक मिनट की जल्दी में चली जाती है पूरी जिंदगी : एक मिनट का समय बचाने के लिए लोग अपनी जान तक गवां बैठते हैं, क्योंकि 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तारवाली किसी भी रेलगाड़ी को 1.7 किलोमीटर की दूरी तय करने में एक मिनट से भी कम समय लगता है.
ऐसे में हल्की सी लापरवाही लोगों की जिंदगी खत्म कर देती है. लेवल क्रासिंग पार करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए. अधिक आवाज में कार में म्यूजिक सिस्टम, कान में हेडफोन, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने आदि से हर कोई भूल जाता है कि आगे मानवरहित क्रॉसिंग है. ऐसे में लोग दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं.
बिहार के 449 मानव रहित रेलवे क्राॅसिंग को रेलवे करेगा बंद
क्राॅसिंग के कार्य के लिए 56.67 करोड़ रुपये रेलवे ने इस बजट में किया है जारी
सासाराम-आरा रेलखंड नोखा थाना क्षेत्र के सरियांव मानवरहित रेलवे क्राॅसिंग पर स्कार्पियो 54274 सासाराम-आरा सवारी पैसेंजर से टकरा गयी थी. इसमें सवार एक महिला समेत तीन लोग बुरी तरह जख्मी हो गये थे. टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेन की टक्कर से स्काॅर्पियो हवा में उछलकर दोबारा रेलवे ट्रैक पर गिर गयी.
आरा-सासाराम रेल खंड पर श्रीरामपुर फाटक के समीप एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ट्रेन से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी, जिसमें चालक व खलासी समेत तीन लोग घायल हो गये थे. हादसा उस दौरान हुआ जब ट्रैक्टर मोरथ गांव में बालू गिराकर लौट रहा था. ट्रैक्टर पर कुल तीन लोग सवार थे.
आरा-सासाराम रेलखंड पर धनौती क्राॅसिंग के समीप एक स्कूली वैन मानव रहित रेलवे क्राॅसिंग पर पैसेंजर ट्रेन से टकरा गयी थी, जिसमें तीन बच्चों की मौत हो गयी थी. वहीं कई गंभीर रूप से जख्मी हो गये थे. यह घटना स्कूली वाहनचालक की गलती से हुई थी.
