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गंगा व कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि शुरू

Updated at : 29 Jun 2024 1:20 AM (IST)
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गंगा व कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि शुरू

गंगा व कोसी नदी के जलस्तर में पिछले 10 दिनों से वृद्धि का सिलसिला शुरू हो गया है.

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गंगा व कोसी नदी के जलस्तर में पिछले 10 दिनों से वृद्धि का सिलसिला शुरू हो गया है. फिलहाल स्थिति सामान्य है. अगले एक दो दिनों में इस्माईलपुर-बिंद टोली के बीच कराये जा रहे कटाव निरोधी कार्य पूरा होने की बात नवगछिया बाढ़ नियंत्रण कार्यालय से मिली है. रंगरा प्रखंड के ज्ञानी दास टोला में कटाव निरोधी कार्य पूरा होने की जानकारी दी गयी है, जबकि इस्माईलपुर-बिंद टोली के बीच स्थित स्पर संख्या छह एन के नोज व स्पर संख्या नौ के अप स्ट्रीम में एक -दो दिनों में काम पूरा होने की जानकारी दी गयी है. रंगरा प्रखंड के ज्ञानीदास टोला में 250 लाख रुपये की लागत से कटाव निरोधी कार्य करवाया गया है. .इस्माईलपुर-बिंद टोली में 15 करोड़ रुपये की लागत से दो ठेकेदार कटाव निरोधी कार्य करवा रहे हैं. नवगछिया बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कार्यालय के अनुसार इस्माईलपुर-बिंद टोली में गंगा नदी का जलस्तर 12 घंटे में 17 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है. मदरौनी में कोसी नदी में 33 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है. इस्माईलपुर-बिंद टोली में गंगा नदी शुक्रवार को 25.28 मीटर पर बह रही है, जबकि न्यूनतम जलस्तर 24.50 मीटर,चेतावनी का जलस्तर 30.60मीटर, खतरे का जलस्तर 31.60 मीटर व अधिकतम जलस्तर 33.50 मीटर है. इस प्रकार गंगा नदी के न्यूनतम जलस्तर से 78 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है तथा कोसी नदी न्यूनतम जलस्तर 24.50 मीटर है,चेतावनी का जलस्तर 30.48 मीटर,खतरे का जलस्तर 31.48 मीटर है तथा अधिकतम जलस्तर 33.46 मीटर है, जबकि शुक्रवार को मदरौनी में कोसी 26.50 मीटर पर बह रही है. पिछले 12 घंटे में 33 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है. कोसी नदी न्यूनतम जलस्तर से दो मीटर ऊपर बह रही है.

सिहकुंड में हो रहा है भीषण कटाव

खरीक प्रखंड के सिंहकुंड में कोसी नदी से भीषण कटाव हो रहा है. कटाव की विभीषिका इतनी तेज है कि ग्रामीणों का घर व जमीन कोसी में समा रहा है. दर्जनों घर कटाव के मुहाने पर पहुंच गया है. जिन लोगों का घर कटाव के मुहाने पर है वह अपने ही हाथों से अपना आशियाने को उजाड़ रहे हैं, ताकि घर के सामान को कोसी में समाने से बचाया जा सके. लोग अपने घर के वृक्षों को काट कर हटा रहे हैं. कटाव की रफ्तार तेज होने से तट पर बसे लोग विस्थापित हो रहे हैं. तकरीबन 500 मीटर के दायरे में भीषण कटाव हो रहा है. लोगों ने जल संसाधन विभाग से बात की, तो वहां के संवेदक का कहना है कि कटाव निरोधी कार्य के लिए इजाजत नहीं मिली है. कटाव स्थल के ठीक बगल में सैकड़ों बोरियां रखी है, लेकिन कटाव निरोधी कार्य में उपयोग नहीं हो रहा है, जिससे ग्रामीण क्षुब्ध है. ग्रामीणों का कहना है कि कोसी नदी से हम लोगों का घर-जमीन कट रहा है, लेकिन कटाव निरोधी काम नहीं हो रहा है. बगल में सैकड़ों बोरियां रखी है, लेकिन घर-जमीन को बचाने के लिए उसका उपयोग नहीं हो रहा है. संवेदक का कर्मी कहता है कि इसकी इजाजत नहीं मिली है. पूछने पर सीओ ने कहा कि लोगों के जान माल की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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