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मां-बेटे की हत्या कर गोराडीह में फेंका था शव, दो दोषी करार

मां-बेटे की हत्या कर गोराडीह में फेंका था शव, दो दोषी करार

–दो साल पूर्व 19 जुलाई 2022 को गोराडीह थाना क्षेत्र के महगामा मोड़ स्थित कठोतिया बहियार में मिला था शव

–घटना के छह दिन बाद हुई थी मृत मां-बेटे की पहचान, मुंगेर जिला के हवेली खड़गपुर की रहने वाली थी पंचाली देवी

– पंचाली अपने गांव में ही जीविका दीदी के तौर पर करती थी काम, साथ काम करने वाली नूतन के पति ने की थी हत्या

गोराडीह थाना क्षेत्र के महगामा मोड़ स्थित कठोतिया बहियार में विगत 19 जुलाई 2022 को एक महिला और एक किशोर का शव मिला था. घटना के पांच दिन बाद 25 जुलाई को मृतका के बड़े बेटे ने अपनी मां और छोटे भाई की पहचान की. इसमें मृतका की पहचान मुंगेर जिला के हवेली खड़गपुर गांव निवासी जीविका दीदी पंचाली देवी और किशोर की पहचान पंचाली देवी के छोटे पुत्र अनुरंजन कुमार के रूप में हुई. उक्त मामले में पुलिस ने घटना के बाद हत्या के मुख्य आरोपित मनोज मंडल और उसके भांजे अमरजीत कुमार को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध चार्जशीट दायर किया था. मामले में जिला व्यवहार न्यायालय के एडीजे 14 विवेक कुमार की अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान बुधवार को बहस पूरी की गयी. कांड के दोनों अभियुक्त मनोज मंडल और अमरजीत को दोषी करार दिया गया. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अली अखबर खान और उनके सहयोगी के तौर पर एपीपी संजय यादव ने बहस में हिस्सा लिया. उन्होंने बताया कि मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 29 जून की तिथि निर्धारित की गयी है. क्या था मामला :

पंचाली के साथ जीविका में ही काम करने वाली नूतन के पति मनोज मंडल के बीच पैसों के लेन देन का काम था. वे लोग जमीन का भी कारोबार कर रहे थे. पंचाली देवी को मनोज मंडल पर पूरा विश्वास था. 18 जुलाई 2022 को पंचाली देवी अपने छोटे बेटे अनुरंजन के साथ देवघर में किसी जमीन मालिक को पैसे देने के लिए निकली थी. इसी दौरान मनोज मंडल, पंचाली देवी और अनुरंजन तीनों ही बांका जिला के संझा स्टेशन पहुंचे. जहां देर शाम होने की वजह से स्टेशन सुनसान हो गया था. इसी बीच पंचाली देवी लघुशंका के लिए गयी, इस बीच मनोज मंडल ने अनुरंजन का गला दबा दिया. इसके बाद पूर्व से निर्धारित योजना के तहत एक कार को भाड़े पर करके वह एक चिकित्सक के पास पंचाली देवी के साथ गया. जहां डाॅक्टर ने अनुरंजन की स्थिति गंभीर बतायी और उसे भागलपुर के मायागंज अस्पताल ले जाने को कहा था. इसी बीच योजना के तहत मनोज मंडल ने अपने साढ़ू के बेटे रजौन निवासी अमरजीत को टेंपो लेकर बुलाया. सीधा जगदीशपुर होकर भागलपुर जाने के बजाय गाेराडीह होकर जाने को कहा. तब तक अनुरंजन की मौत हो चुकी थी. पंचाली देवी द्वारा इसका विरोध किये जाने पर अमरजीत टेंपो को लेकर गोराडीह के महगामा मोड़ के समीप कठोतिया बहियार के तरफ गया. जहां सुनसान इलाका पाकर दोनों ने मिल कर पंचाली देवी की भी हत्या कर दी. चेहरे को बुरी तरह ईंट से वार कर कूच दिया. अगले ही दिन 19 जुलाई 2022 को सुबह गोराडीह थाना के एसआइ पीसी गुप्ता ने अज्ञात महिला और किशोर का शव बरामद कर अपने बयान पर केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इधर मृतका के बेटे द्वारा विगत 24 जुलाई 2022 को हवेली खड़गपुर थाना में मां और भाई के गुमशुदगी का केस दर्ज कराया गया. एक दिन बाद 25 जुलाई 2022 को गोराडीह में मिले शव की पहचान हो सकी थी. मामले में पुलिस ने सीडीआर रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हत्यारों का खुलासा कर उनकी गिरफ्तारी की.

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