Bhagalpur News. निजी क्षेत्र के चिकित्सकों के लिए एमडीआर टीबी प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

स्वास्थ्य विभाग में कार्यक्रम का आयोजन.
जिले के निजी क्षेत्र के चिकित्सकों के लिए एमडीआर टीबी प्रबंधन पर गुरुवार को पटल बाबू रोड स्थित एक होटल सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ. राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत सहयोगी संस्था हिंदुस्तान लेटेक्स फैमिली प्लैनिंग एवं प्रमोशनल ट्रस्ट द्वारा के क्रियान्वयन के लिए भागलपुर जिले के प्राइवेट चिकित्सकों काे प्रशिक्षण दिया गया. इसका मूल उद्देश्य निजी स्वास्थ्य चिकित्सा के क्षेत्र में ड्रग रेसिस्टेंट ट्यूबरक्लोसिस के उपचार एवं प्रबंधन को सुदृढ़ करना था. कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार ने की. जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ दीनानाथ एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ राजेंद्र प्रसाद जायसवाल ने सहयोग किया. डॉ दीनानाथ ने कहा कि निजी चिकित्सकों ने 2024 और 2025 में अधिक टीबी के केस डायग्नोसिस किये. डॉ आरपी जायसवाल ने सभी प्राइवेट सेक्टर में इलाज के लिए जाने वाले संभावित मरीजों के लिए जांच अति आवश्यक है. एचएलएफपीपीटी संस्था की टेक्निकल एक्सपर्ट डॉ प्रियंका अग्रवाल, लैब एक्सपर्ट किशोर रेड्डी, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक आकाश कुमार झा तथा डब्ल्यूएचओ कंसल्टेंट डॉ इस्फाक ने प्रकाश डाला और प्राइवेट सेक्टर में हब एंड स्पोक्स मॉडल के माध्यम से एमडीआर मरीजों का चिकित्सकीय जांच एवं उपचार की विधि से अवगत कराया. साथ ही मरीज के परिजनों को टीवी बीमारी से बचाव की जानकारी दी. प्रशिक्षण में बताया कि टीबी मरीजों की पहचान के लिए जरूरी जांच मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जिला यक्ष्मा केंद्र सहित भागलपुर जिले के 26 स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है. प्रशिक्षण में शामिल डॉ विनय कुमार झा ने बताया कि समय पर टीबी बीमारी की पहचान सही उपचार नियमित फॉलोअप तथा मरीजों की प्रभावी काउंसलिंग अत्यंत आवश्यक है. प्रशिक्षण में डॉ कुमार अनु, डॉ रेणु , डॉ विनय कृष्ण सिंह, डॉ कृष्णा गोपाल, डॉ विनय कुमार, डॉ धीरज कुमार, डॉ सौरभ कुमार एवं अन्य मेडिकल प्रोफेशनल आदि उपस्थित थे.
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