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bhagalpur news. लाइब्रेरी का नहीं हुआ ऑटोमेशन, नैक मूल्यांकन में विवि के ग्रेडिंग पर पड़ सकता है असर

Updated at : 30 Jun 2025 12:34 AM (IST)
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bhagalpur news. लाइब्रेरी का नहीं हुआ ऑटोमेशन, नैक मूल्यांकन में विवि के ग्रेडिंग पर पड़ सकता है असर

टीएमबीयू का नैक से मूल्यांकन होना है. इसकी तैयारी विवि में चल रही है.

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टीएमबीयू का नैक से मूल्यांकन होना है. इसकी तैयारी विवि में चल रही है. विवि का एक्यूएआर अपलोड कर दिया गया है. दूसरी तरफ सेंट्रल लाइब्रेरी का ऑटोमेशन अबतक नहीं हो सका है. जबकि वर्ष 2016 में विवि में मूल्यांकन करने आयी नैक टीम ने लाइब्रेरी के ऑटोमेशन सहित कई बिंदुओं पर काम करने का निर्देश दिया था. टीम के निर्देश के आठ साल बीत गये. इस दौरान विवि में कई कुलपति आये व चले गये, लेकिन ऑटोमेशन का काम नहीं हो सका. सिर्फ फाइल पर ही काम दिखाया गया.

वर्ष 2016 में रिसर्च में आगे था विवि

विवि के पूर्व सीसीडीसी डॉ केएम सिंह का कहना है कि वर्ष 2016 में रिसर्च प्रोजेक्ट पर विवि में काफी काम हुआ था. कई बड़े-बड़े प्रोजेक्ट पर काम चल रहा था. नैक टीम रिसर्च को लेकर काफी संतुष्ट थी, लेकिन लाइब्रेरी का ऑटोमेशन नहीं होने से ए ग्रेडिंग नहीं मिल पाया था. विवि प्रशासन को लाइब्रेरी का ऑटोमेशन पर काम करने की जरूरत है. पिछले कुछ सालों का आंकड़ा देखा जाये, तो रिसर्च संबंधित प्रोजेक्ट पर भी काम नहीं के बराबर हुआ है. विवि को इस दिशा में काम करने की जरूरत है.

विवि से बी ग्रेडिंग में मिला था अधिक प्वाइंट

विवि के एक पूर्व अधिकारी ने कहा कि नैक टीम से टीएमबीयू को सूबे के अन्य विवि की तुलना में बी ग्रेडिंग में भी अधिक प्वाइंट मिला था. इसे लेकर सूबे के अन्य विवि में अधिक प्वाइंट मिलने पर काफी चर्चा हुआ था. राजभवन से भी प्रशंसा की गयी थी. सिर्फ लाइब्रेरी के कारण विवि को बढ़िया ग्रेडिंग नहीं मिल पाया था.

मानविकी व सोशल साइंस संकाय में रिसर्च कम

विवि के एक पूर्व डीन ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि साइंस संकाय के कुछ विभाग में रिसर्च काम थोड़ा बहुत जारी है, लेकिन मानविकी व सोशल साइंस संकाय के तहत रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम नहीं के बराबर है. रिसर्च संबंधित प्रकाशन भी काफी कम है. एक समय में टीएमबीयू रिसर्च के क्षेत्र में देश ही नहीं विदेशों में भी नाम था.

बोले रजिस्ट्रार –

कुलपति के वित्तीय अधिकार पर रोक से हो रही परेशानी

विवि के रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे ने कहा कि वर्तमान में कुलपति के वित्तीय अधिकार पर रोक लगा दी गयी है. ऐसे में ऑटोमेशन का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है. नैक मूल्यांकन के लिए यह जरूरी है. विवि प्रशासन ऑटोमेशन कार्य के लिए राजभवन से अनुमति ल जायेगी, ताकि इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL KUMAR

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By ATUL KUMAR

ATUL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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