मेयर ने उपनगर आयुक्त को बताया असक्षम पदाधिकारी, कहा-जनहित में सख्त कार्रवाई जरूरी

Updated at : 30 May 2024 11:57 PM (IST)
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मेयर ने उपनगर आयुक्त को बताया असक्षम पदाधिकारी, कहा-जनहित में सख्त कार्रवाई जरूरी

मेयर डा बसुंधरा लाल ने उपनगर आयुक्त को असक्षम अधिकारी बतायी है और नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

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-नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री को लिखी पत्र और बतायी कि उपनगर आयुक्त खुद को नगरपालिका अधिनियम से ऊपर मान रहे हैं और बैठक को मजाक बना दिए हैं.

वरीय संवाददाता, भागलपुर मेयर डा बसुंधरा लाल ने उपनगर आयुक्त को असक्षम अधिकारी बतायी है और नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने मंत्री से निवेदन की है कि सशक्त स्थायी समिति की गरिमा को ध्यान में रखकर ऐसे असक्षम अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जाये और इसकी प्रति अविलंब वितरित करायी जाये, जिससे जनहित में लिये गये निर्णय पर काम हो सके. दरअसल, मौखिक व लिखित निर्देश देने के चार महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक बैठक की कार्यवाही पर हस्ताक्षर नहीं किया है. वहीं, उनकी ओर से न ही इसे वितरित किया जा सका है और न ही इसमें लिए गए निर्णय पर कोई अमल हुआ है. उप नगर आयुक्त की इस कार्यशैली से सदन की गरिमा को ठेस पहुंचने की बात बतायी है.

उपनगर आयुक्त ने मजाक बना दिया है बैठक को

मेयर ने मंत्री को लिखे पत्र में कही है कि उपनगर आयुक्त सह प्रभारी नगर आयुक्त राजेश कुमार पासवान अपने आप को नगरपालिका अधिनियम से ऊपर मान रहे हैं और बैठक को मजाक बना दिए हैं.

असक्षम बताने और कार्रवाई की मांग करने की जानें वजह

बीते 24 जनवरी को सशक्त स्थायी समिति की बैठक हुई थी. जिसकी वीडियोग्राफी भी है. सशक्त स्थायी समिति की बैठक जो नगरपालिका अधिनियम के तहत होती है, जिसमें लोकतांत्रित प्रक्रिया द्वारा चुने गए प्रतिनिधि रहते हैं. शहर के विकास संबंधी कई महत्वपूर्ण योजनाएं ली जाती है जिस पर सदन में चर्चा होती है और सर्वसम्मति से निर्णय ली जाती है. कार्यवाही तैयार कर पीठासीन पदाधिकारी (महापौर) द्वारा हस्तक्षर किया जाता है. मेयर ने कार्यवाही की प्रति पर हस्ताक्षर किया गया लेकिन, बैठक में उपस्थित अधिकारी उपनगर आयुक्त सह प्रभारी नगर आयुक्त राजेश कुमार पासवान द्वारा हस्ताक्षर नहीं किया गया है. सभी सम्मानित पार्षदों, संबंधित विभाग एवं प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग को नहीं भेजी गयी. 20 फरवरी की बैठक जो करीब एक महीने बाद हुई, जिसमें निवर्तमान नगर आयुक्त नितिन कुमार सिंह मौजूद थे. इसकी कार्यवाही की प्रति सभी पार्षदों, विभागों को भेज दी गयी है और उस पर लिए गए निर्णय पर काम भी हो रहा है.

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