सावन की दस्तक से शिवमय हुआ नवगछिया, मंदिरों में तैयारियां तेज, गंगा घाटों से रवाना होने लगे कांवरिये

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गोपालपुर  सुकटिया बाजार में केसरिया कपडा खरीदते श्रद्धालु | Prabhat Khabar Network

गोपालपुर सुकटिया बाजार में केसरिया वस्त्र खरीदते श्रद्धालु | Prabhat Khabar Network

Sawan 2026 : सावन 2026 के आगमन के साथ ही पूरे नवगछिया क्षेत्र में भक्ति का माहौल छा गया है. मंदिरों में साफ-सफाई और सजावट का काम तेज हो गया है. श्रद्धालु गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हो रहे हैं.

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Sawan 2026 : सावन की आहट के साथ ही गांव से लेकर शहर तक स्थित शिव मंदिरों में साफ-सफाई, रंग-रोगन और आकर्षक सजावट का कार्य तेज हो गया है. मंदिर समितियां और स्थानीय श्रद्धालु मिलकर पूजा-अर्चना की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. सुबह और शाम मंदिरों में शिव भजन, घंटी-घड़ियाल की ध्वनि तथा 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय होता जा रहा है.

गंगा घाटों से बढ़ी कांवरियों की रौनक

तिनटंगा करारी स्थित जहाज घाट पर श्रद्धालु पवित्र गंगा में स्नान कर केसरिया वस्त्र धारण कर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के लिए रवाना हो रहे हैं. गंगा जल लेकर पैदल यात्रा करने वाले कांवरियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. युवाओं के साथ-साथ महिलाएं और बुजुर्ग भी पूरे उत्साह के साथ इस धार्मिक यात्रा में शामिल हो रहे हैं.

सात्विक जीवनशैली की ओर बढ़ रहे श्रद्धालु

सावन के आगमन के साथ लोगों की दिनचर्या में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूरे महीने मांसाहार से परहेज कर सात्विक भोजन अपना रहे हैं. घरों में हरी सब्जियां, दाल, फल, दूध, दही और अन्य शुद्ध शाकाहारी व्यंजनों का उपयोग बढ़ गया है. कई लोगों ने पूरे सावन तक लहसुन और प्याज का भी त्याग कर दिया है. होटल और भोजनालयों में भी सात्विक भोजन की मांग बढ़ने लगी है.

पूजा सामग्री के बाजारों में बढ़ी चहल-पहल

सुकटिया बाजार, अभिया बाजार और नवगछिया बाजार में सावन की रौनक साफ दिखाई देने लगी है. बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, रुद्राक्ष की माला, गंगाजल पात्र, कांवर, केसरिया वस्त्र और भगवान शिव की प्रतिमाओं की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है. व्यापारियों का कहना है कि सावन शुरू होते ही पूजा सामग्री की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है.

श्रावण में शिव आराधना का विशेष महत्व

धार्मिक जानकारों के अनुसार सावन माह भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है. इस दौरान व्रत, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और शिव मंत्रों के जाप का विशेष महत्व है. मान्यता है कि श्रद्धा और सच्ची भक्ति से भगवान शिव की पूजा करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है. सावन की शुरुआत के साथ पूरे नवगछिया अनुमंडल में धार्मिक उल्लास का माहौल है और आने वाले दिनों में शिवालयों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है.


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Vipin Thakur

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