Bhagalpur News. पीरपैंती में पावर प्लांट के लिए रेल-सड़क कॉरिडोर को मिली मंजूरी, 160 एकड़ भूमि होगी अधिग्रहित

Published by :KALI KINKER MISHRA
Published at :25 Apr 2026 10:08 PM (IST)
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Bhagalpur News. पीरपैंती में पावर प्लांट के लिए रेल-सड़क कॉरिडोर को मिली मंजूरी, 160 एकड़ भूमि होगी अधिग्रहित

पीरपैंती पावर प्लांट में सड़क व रेल कॉरिडोर को मिली मंजूरी.

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पीरपैंती में प्रस्तावित अडानी पावर लिमिटेड की 2400 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. परियोजना के लिए आवश्यक रेलवे कॉरिडोर-सह-सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी गयी है. इस संबंध में राज्य इकाई आद्री, पटना ने सामाजिक आकलन रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट का मूल्यांकन एक्सपर्ट टीम कर चुकी है. मूल्यांकन के आधार पर समाहर्त्ता-सह-समुचित सरकार, भागलपुर द्वारा आदेश जारी किया गया है. इस कॉरिडोर के निर्माण के लिए पीरपैंती अंचल के विभिन्न मौजों से कुल 160.43 एकड़ भूमि अर्जित की जा रही है.

भू-अर्जन की जद में आने वाले प्रमुख क्षेत्र

बसंतपुर : 65.992 एकड़हरिणकोल : 55.8886 एकड़

खिदरपुर : 17.475 एकड़ईमामनगर : 10.2269 एकड़

ककरघट : 7.1906 एकड़चौधरी बसंतपुर : 2.0969 एकड़

महेशराम : 1.56 एकड़

151 भूमि स्वामी होंगे प्रभावित

इस अधिग्रहण से कुल 151 रैयत (भूमि स्वामी) प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे. इसका सर्वेक्षण कर लिया गया है. हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इस परियोजना से किसी भी प्रकार का विस्थापन नहीं होगा. यदि भविष्य में विस्थापन की स्थिति बनती है, तो नियमानुसार पुनर्वास सुनिश्चित किया जायेगा.

कैसा होगा कॉरिडोर?

प्रस्तावित रेल-सह-सड़क गलियारा (कॉरिडोर) की कुल लंबाई पांच किलोमीटर और चौड़ाई 120 मीटर होगी. यह कॉरिडोर लक्ष्मीपुर होरंग हॉल्ट से शुरू होकर सुंदरपुर गांव में समाप्त होगा. रेलवे का उपयोग मुख्य रूप से कोयले को सीधे पावर स्टेशन तक पहुंचाने के लिए किया जायेगा. सड़क पर पावर स्टेशन के परिचालन के साथ-साथ आम लोगों के आवागमन के लिए भी उपलब्ध रहेगी.

क्षेत्र को होने वाले लाभ

सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के कई दूरगामी लाभ होंगे. जिले में विद्युतीकरण का लाभ मिलेगा और जीवन स्तर बेहतर होगा. निर्माण और परिचालन के दौरान स्थानीय श्रमिकों को काम के अवसर मिलेंगे. नयी सड़क से यातायात सुगम होगा और शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी. ऊर्जा संकट कम होने से क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है.

आगे की प्रक्रिया

विशेषज्ञ समूह की समीक्षा और 15 अप्रैल को हुई बैठक के निर्णय के बाद प्रशासन ने भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा-आठ के तहत प्रारंभिक अधिसूचना जारी करने का आदेश दे दिया है. इसकी प्रतियां कहलगांव के अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी पीरपैंती और संबंधित ग्राम पंचायतों के मुखिया व सरपंचों को प्रकाशन के लिए भेज दी गयी हैं.

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