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Bhagalpur News: शहीद संतोष कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार आज

Updated at : 22 May 2025 1:34 AM (IST)
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Bhagalpur News: शहीद संतोष कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार आज

जम्मू कश्मीर में शहीद हुए इस्माइलपुर प्रखंड के पछियारी टोला डिमाहा निवासी संतोष कुमार का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ आज किया जायेगा.

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= डीएम ने पत्र जारी कर नगर कार्यपालक पदाधिकारी नवगछिया को पार्थिव शरीर लाने के लिए भेजा पटना हवाई अड्डा

= राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की तैयारी में लगाये गये एसडीओ सहित दो वरीय उपसमाहर्ता

प्रतिनिधि, नवगछिया

जम्मू कश्मीर में शहीद हुए इस्माइलपुर प्रखंड के पछियारी टोला डिमाहा निवासी संतोष कुमार का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ आज किया जायेगा. इस संबंध में डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी के द्वारा आदेश जारी करते हुए कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद नवगछिया सुधीर कुमार को उनका पार्थिव शरीर लाने के लिए पटना हवाई अड्डा भेजा गया है. शहीद संतोष कुमार का पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से पटना हवाई अड्डा से उनके पैतृक गांव लायी जा रही है. वरीय उप समाहर्ता जिला नजारत शाखा, वरीय उप समाहर्ता जिला सामान्य शाखा एवं एसडीओ नवगछिया को राजकीय सम्मान के साथ शहीद संतोष कुमार के अंतिम संस्कार की तैयारी करने हेतु निर्देशित किया गया है.

देश सेवा से समय मिलने पर माता-पिता की सेवा करना चाहते थे संतोष

देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले जिले के वीर सपूत शहीद संतोष यादव सिर्फ एक सैनिक ही नहीं, बल्कि एक समर्पित पिता और आज्ञाकारी पुत्र भी थे. जानकारी मिली है कि उनका सपना था कि वे सेना की नौकरी से समय मिलने पर अपने बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें और अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा कर सकें लेकिन उससे पहले ही वे देश के लिए शहीद हो गये.

सेना में चार साल की बची थी नौकरी

सेना की नौकरी में अभी चार साल बाकी था. वे बच्चों की पढ़ाई और माता-पिता की सेवा का सपना संजो रखा था. एक किसान पिता का सपना था कि उसका बेटा फौजी बने और बेटा बना भी लेकिन उसने सिर्फ वर्दी नहीं पहनी, बल्कि तिरंगे में लिपट कर लौटने की मिसाल भी कायम की. शहीद संतोष यादव एक साधारण किसान परिवार से थे. उनके पिता चंद्रदेव यादव खुद खेती-बाड़ी कर घर चलाते रहे, लेकिन उन्होंने कभी अपने बेटे की पढ़ाई-लिखाई में गरीबी को आड़े नहीं आने दिया. पिता चंद्रदेव यादव ने भावुक होकर कहा कि शायद उसके भाग्य में यही लिखा था. परिवार में संतोष यादव सबसे बड़े भाई थे. उनके दो भाई-बहन हैं. छोटा भाई अभिनव कुमार यादव जो होमगार्ड में कार्यरत है, आज अपने वीर भाई पर गर्व करता है लेकिन आंखों में आंसू लिए हुए है. बहन की शादी हो चुकी है. परिवार के आधार स्तंभ के रूप में संतोष थे.

आज नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहुंचेंगे शहीद के घर

संतोष यादव के परिजन से मिलने के लिए नेता प्रतिपक्ष के तेजस्वी यादव शहीद के पैतृक गांव पहुंचेंगे. उनका निर्धारित कार्यक्रम 22 मई के छह बजे शाम में हैं. तेजस्वी यादव उनके परिवार से मिल कर उन्हें दिलासा देंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANJIV KUMAR

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By SANJIV KUMAR

SANJIV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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