bhagalpur news. टीएमबीयू : कब पीजी पुरुष हॉस्टलों से हटेगा अवैध कब्जा

Author Atul kumar
Updated:
विज्ञापन
bhagalpur news. टीएमबीयू : कब पीजी पुरुष हॉस्टलों से हटेगा अवैध कब्जा

टीएमबीयू के पीजी पुरुष हॉस्टलों को अवैध छात्रों से मुक्त कराने का दावा विवि प्रशासन हमेशा करते रहा है

विज्ञापन

टीएमबीयू के पीजी पुरुष हॉस्टलों को अवैध छात्रों से मुक्त कराने का दावा विवि प्रशासन हमेशा करते रहा है. विवि के तत्कालीन कुलपति प्रो जवाहर लाल से लेकर कई कुलपति आये और चले गये और हर बार हॉस्टलों को मुक्त कराने की बात होती रही. विवि के वर्तमान प्रभारी कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा ने भी हॉस्टलों में अवैध रूप से रहने वालों को हटाने के लिए डीएसडब्ल्यू को निर्देशित किया है. साथ ही हॉस्टल संबंधित कमेटी गठित की है. बताया जा रहा है कि हॉस्टल को लेकर कमेटी ने अबतक रिपोर्ट विवि प्रशासन को नहीं सौंपी है. विवि के अधिकारी यह कहते रहे कि चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू है. चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही इस दिशा में कार्रवाई की जायेगी.

उधर, डीएसडब्ल्यू प्रो अर्चना कुमारी साह ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर अवैध रूप से हॉस्टलों में कब्जा जमाये छात्रों को अंतिम मौका के तहत पत्र भेजा जायेगा. इसके बाद भी हॉस्टल खाली नहीं करते है, तो नियम संगत कार्रवाई की जायेगी.

हॉस्टल अधीक्षकों ने सौंपी सूची

पीजी पुरुष हॉस्टलों के अधीक्षकों ने हॉस्टलवाइज अवैध छात्रों की सूची डीएसडब्ल्यू कार्यालय को उपलब्ध करा दी है. बताया जा रहा है कि सभी हॉस्टलों को मिलाकर सौ से ज्यादा विद्यार्थी अवैध रूप से कब्जा जमाये हैं. इसमें वैध विद्यार्थियों व अवैध तरीके से कमरा और बेड पर कब्जा जमाकर बैठे लोगों की जानकारी है. रिसर्च हॉस्टल से लेकर सामान्य हॉस्टलों तक में अवैध रूप से रहने वाले छात्रों के नाम हैं.

विवि को 25 लाख के राजस्व का नुकसान

विवि सूत्रों के अनुसार हॉस्टलों में रहने के लिए प्रति छात्रों से 2500 रुपये वसूला जाता है. ऐसे में करीब एक सौ अवैध रूप से छात्र रह रहे हैं. विवि को प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है. ऐसे में नियमित छात्र को हॉस्टल में रहने के लिए जगह नहीं मिल पाती है. उन्हें अधिक पैसे खर्च कर प्राइवेट लॉज में रहना पड़ रहा है.

जिला प्रशासन से लिया जायेगा सहयोग – डीएसडब्ल्यू

डीएसडब्ल्यू ने कहा कि हॉस्टलों को मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन को भी पत्र लिखा जा रहा है. इसके लिए प्रॉक्टर को भी पत्र भेजा जायेगा. उन्हें हॉस्टलों से संबंधित सभी दस्तावेज भी उपलब्ध कराया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Atul Kumar

लेखक के बारे में

By Atul Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन