bhagalpur news. बाबा का आदेश व महंत का व्रत, संकल्प के साथ देवघर रवाना हुआ गंगाजल

Author Atul kumar
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bhagalpur news. बाबा का आदेश व महंत का व्रत, संकल्प के साथ देवघर रवाना हुआ गंगाजल

सुलतानगंज स्थित बाबा अजगैवीनाथ मंदिर के महंत स्वयं बाबा वैद्यनाथ मंदिर में प्रवेश नहीं करते

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शुभंकर, सुलतानगंज सुलतानगंज स्थित बाबा अजगैवीनाथ मंदिर के महंत स्वयं बाबा वैद्यनाथ मंदिर में प्रवेश नहीं करते. मान्यता है कि यह परंपरा स्वयं बाबा के आदेश से चली आ रही है. महाशिवरात्रि के अवसर पर केवल मंदिर के प्रतिनिधि के माध्यम से ही गंगाजल भेजा जाता है और यह परंपरा आज भी अक्षुण्ण बनी हुई है.

संकल्प के साथ देवघर रवाना हुआ गंगाजल

महाशिवरात्रि से पूर्व शुक्रवार को अजगैवीनाथ मंदिर से विधि-विधानपूर्वक संकल्प कराया गया. स्थानापति महंत प्रेमानंद गिरि के संकल्प के बाद मंदिर के स्थायी पंडा युगल किशोर मिश्र के हाथों गंगाजल ससम्मान देवघर भेजा गया. इसके उपरांत मंदिर परिसर में सुबह सरकारी पूजन संपन्न कराया गया.

अंतिम अभिषेक से पूर्ण होता है विवाह

धार्मिक मान्यता के अनुसार बाबा वैद्यनाथ के विवाह में अंतिम अभिषेक अजगैवीनाथ मंदिर से भेजे गए गंगाजल से ही होता है. पंडा युगल किशोर मिश्र ने बताया कि इस अंतिम अभिषेक के बाद ही बाबा का विवाह विधिवत पूर्ण माना जाता है. यही कारण है कि अजगैवीनाथ के गंगाजल का महाशिवरात्रि पर विशेष महत्व है.

मंदिरों में साज-सज्जा, मंडप की भव्य तैयारी

महाशिवरात्रि को लेकर अजगैवीनाथ मंदिर सहित पूरे प्रखंड के शिव मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई है. अजगैवीनाथ मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. शनिवार को बाबा का मंडप पूरे विधि-विधान के साथ रचेगा. खड़ग पूजा के साथ अनेक प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा. अजगैवीनाथ मंदिर परिसर में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है. रविवार को बाबा की बरात निकलेगी. नगर में बरात के स्वागत के लिए दर्जनों तोरण द्वार लगाए गए हैं, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में रंग गया है. महाशिवरात्रि को लेकर गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है. गंगा स्नान के बाद कई कांवरिये गंगाजल लेकर बाबाधाम के लिए रवाना हो चुके हैं. पूरा प्रखंड हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज रहा है.

चार पहर रुद्राभिषेक, रात भर विवाह अनुष्ठान

मंदिर के महंत ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन रविवार को बाबा का चार पहर रुद्राभिषेक होगा. दूध, दही, मधु, गन्ने का रस और गंगाजल से विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी. रात्रि में विवाह की रस्म शुरू होकर करीब तीन बजे तक चलेगी. इसके बाद दो घंटे के लिए मंदिर का पट बंद रहेगा. सोमवार सुबह पांच बजे सरकारी पूजन के बाद मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. इसके साथ ही महाशिवरात्रि का यह दिव्य अनुष्ठान पूर्ण होगा, जिसमें परंपरा, श्रद्धा और विश्वास का अनुपम संगम देखने को मिलेगा.

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