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bhagalpur news. आमों पर फ्रूट फ्लाई का बढ़ा प्रकोप, बागवानों की बढ़ी चिंता

Updated at : 07 Jul 2025 10:49 PM (IST)
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bhagalpur news. आमों पर फ्रूट फ्लाई का बढ़ा प्रकोप, बागवानों की बढ़ी चिंता

जब आम की कीमत चढ़ रही है, तो आमों पर फ्रूट फ्लाई का प्रकोप बढ़ने लगा है. इससे बागवानों की चिंता बढ़ गयी है. कोई फ्रूट कैप लगाकर आम का बचाव कर रहे हैं, तो कोई फ्रूट ट्रैप लगाकर.

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जब आम की कीमत चढ़ रही है, तो आमों पर फ्रूट फ्लाई का प्रकोप बढ़ने लगा है. इससे बागवानों की चिंता बढ़ गयी है. कोई फ्रूट कैप लगाकर आम का बचाव कर रहे हैं, तो कोई फ्रूट ट्रैप लगाकर. जिले के सुलतानगंज, शाहकुंड, कहलगांव आदि प्रखंडों में अधिक शिकायत मिल रही है. मेंगो मैन के नाम से मशहूर सुलतानगंज के बागवान अशोक चौधरी ने बताया कि लगातार फ्रूट फ्लाई का प्रकोप बढ़ने से आम खराब हो रहा है. फल मक्खी कीड़ा आम में छेद कर देता है या आम पर बैठकर काला कर देता है. इसके बचाव के लिए अधिकतर आम में कैप लगा रहे हैं, ताकि आम की गुणवत्ता बनी रहे और बाजार में मूल्य मिल सके. 90 प्रतिशत तक आम खराब हो रहा था. वहीं शाहकुंड के वयोवृद्ध बागवान मृगेंद्र सिंह ने बताया कि आम के फल पर फ्रूट फ्लाई का प्रकोप एक गंभीर समस्या है, जो आम के किसानों के लिए नुकसानदायक है. फल मक्खी आम के फलों को नुकसान पहुंचा रही है. इससे फल सड़ जाते हैं. पौधा संरक्षण विभाग के सहायक निदेशक सुजीत पाल ने कहा कि आम के फलों में लगने वाला फ्रूट फ्लाई कीट फलों के लिए काफी घातक है. इस रोग के संक्रमण से बगीचे के अच्छे फल भी जल्द ही चपेट में आ जाते हैं. आम में प्रायः मैंगो हॉपर, मीली बग, स्टेंम बोरर, छाल को खाने वाले कीड़े, फ्रूट फ्लाई आदि जैसे रोग लगते हैं. वैज्ञानिक प्रबंधन सही समय पर किया जाना अतिआवश्यक है. माैसम की वजह से दिख रहा अधिक असर, फेरोमैन ट्रैप है बेहतर विकल्प सहायक निदेशक सुजीत पाल ने कहा कि इस साल शुरुआत से ही बारिश हो रही है और वातावरण में नमी भी बनी हुई है. जिसके कारण ये कीट ज्यादा उग्र दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने फ्रूट फ्लाई कीट के प्रबंधन को लेकर किसानों को सलाह देते हुए कहा कि फ्रूट फ्लाई कीट का सबसे बेहतर विकल्प फरोमैन ट्रैप है. ये ट्रैप आसानी से बाजारों में मिलते हैं. किसान आम के बागों में प्रति हेक्टेयर 15 से 20 फरोमैन ट्रैप लगाकर फ्रूट फ्लाई मक्खी को प्रबंधित कर सकते हैं. इस कीट से निजात पाने के लिए किसान अपने बागों को हमेशा साफ सुथरा रखें. बाग के सभी सड़े फलों को एकत्र कर उसे बाग से बाहर ले जाकर मिट्टी में डंप कर दें. कीट की उग्रता में कमी लाने के लिए गर्मी के दिनों में बाग की गहरी जुताई करें, ताकि कीट के प्यूपा गर्म सूरज की किरणों के संपर्क में आकर मर जाये. किसान डाईमेथोएट नामक दवा का छिड़काव करके भी इस कीट से निजात पा सकते हैं. हालांकि रासायनिक दवा की बजाय फेरोमैन ट्रेप की अधिक जरूरत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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NISHI RANJAN THAKUR

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