भागलपुर मायागंज अस्पताल में मरीजों की मौत के बाद लगातार हो रहे हंगामे को लेकर शनिवार को अस्पताल अधीक्षक डॉ हेमशंकर शर्मा ने विभिन्न विभागों के हेड के साथ बैठक की. इसमें इलाज में लापरवाही के आरोप व मरीजों की मौतों के कारणों पर विचार किया गया. समीक्षा में पाया गया कि हंगामा को रोकने के लिए सुरक्षा कर्मी सजग नहीं रहते हैं. इस कारण अस्पताल परिसर में परिजनों द्वारा तोड़फोड़, डॉक्टरों व नर्सों के साथ दुर्व्यवहार व हमला किया गया. अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम को और बेहतर करने को कहा. बताया कि बीते तीन दिन में पांच मरीजों की मौत हुई है. अधीक्षक को बताया गया कि सभी मरीजों की हालत गंभीर थी. इन्हें अंतिम समय में अस्पताल लाया गया. हर मरीज की मौत अस्पताल में भर्ती होने के 24 घंटे के अंदर हो गयी. एक मरीज का 25 प्रतिशत हार्ट काम कर रहा था. एक मरीज को सेप्टीसीमिया बीमारी थी. दूसरे मरीज को गंभीर निमोनिया व बीपी लो था. तीसरे को लीवर का कैंसर के साथ आंत व किडनी की बीमारी थी. इसे आईसीयू में भर्ती के बावजूद बचाया नहीं जा सका. समीक्षा में मेडिसिन विभाग के यूनिट इंचार्ज डॉ राजकमल चौधरी, डॉ ओबेद अली, हॉस्पिटल मैनेजर सुनील कुमार गुप्ता व अन्य लोग थे.
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