Bhagalpur News. इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्ववर्ती छात्रों ने कहा, पढ़ाई व अनुशासन ने सबसे अलग बनाया

भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्ववर्थी विद्यार्थी.
इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ के बैनर तले पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन आयोजित किया गया. कॉलेज के पूर्ववर्ती छात्र शामिल हुए. इस अवसर पर पूर्ववर्ती छात्रों ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज भागलपुर की पढ़ाई व अनुशासन ने सबसे अलग बनाया. यहां के विद्यार्थी जिस क्षेत्र में सेवा दे रहे है. बीसीई को लेकर अलग पहचान बनी है. मौके पर प्राचार्य प्रो एम राजू तुगनायत ने पूर्ववर्ती छात्रों को सम्मानित भी किया. प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था.
एपीजे अब्दुल कलाम के साथ काम करना सपना जैसा
कॉलेज के 1976 बैच के छात्र सह रक्षा मंत्रालय भारत सरकार सलाहकार अभय कुमार ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के साथ काम करना सपना जैसा है. उनके साथ कई गोपनीय मिशन पर काम किया. उनसे काफी प्रेरणा मिली. कलाम सर की बात सपने देखने से ही हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं. हमें बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करनी चाहिए. उनके उन शब्दों ने आगे बढ़ाने का काम किया. उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि केवल बढ़िया अंक लाने से कुछ नहीं होता है. आप अच्छे इंजीनियर बन कर देश, राज्य व समाज की बेहतरी के लिए काम करें. उन्होंने बताया कि 1976 बैच में कॉलेज में नामांकन लिया था. टीएनबी कॉलेज से साइंस में इंटर व ताड़र उच्च विद्यालय से मैट्रिक पास किया था.कॉलेज की पढ़ाई का नतीजा है कि बड़े से बड़े कामों की जिम्मेवारी मिली
कॉलेज के 1985 बैच के छात्र सह जल संसाधन विभाग बिहार सरकार में सलाहकार रविंद्र कुमार शंकर ने बताया कि कॉलेज की पढ़ाई का नतीजा है कि बड़े से बड़े कामों की जिम्मेवारी मिल जाती है. सरकार की कई ऐसी योजना पर काम किये जो मुश्किलों से भरा था. लेकिन कॉलेज से मिली बेसिक जानकारी ने आगे बढ़ाने का काम किया. कॉलेज आकर बहुत खुशी हो रही है. पुरानी यादें फिर से ताजा हो गयी. विद्यार्थियों से कहा कि लगन व ईमानदारी के साथ अपने लक्ष्य काे पूरा करे.खुद से पढ़ने की क्षमता को विकसित करें
कॉलेज के वर्ष 2010 बैच के छात्र सह उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी भारतीय रेलवे के मनीष कुमार ने बताया कि कॉलेज ने अनुशासन के साथ-साथ समय प्रबंधन सिखाया. खुद से पढ़ने की क्षमता को विकसित कराया. यही चीजें यहां के विद्यार्थियों को सबसे अलग करती है. उन्होंने बताया कि कॉलेज के शिक्षकों का भी काफी सहयोग मिलता रहा. कॉलेज से मिली तकनीकी नॉलेज काफी काम आया. उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि खुद से पढ़ने की आदत डाले. मंजिल मिल कर रहेगी.
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