ePaper

Bhagalpur News. बौंसी रेल पुल संख्या-2 के लिए जमीन अधिग्रहण पर विवाद, हंगामे से भागे बिजली पोल गाड़ने वाले कर्मी

Updated at : 12 Feb 2026 10:39 PM (IST)
विज्ञापन
Bhagalpur News. बौंसी रेल पुल संख्या-2 के लिए जमीन अधिग्रहण पर विवाद, हंगामे से भागे बिजली पोल गाड़ने वाले कर्मी

बौंसी रेल पुल दो को लेकर विवाद.

विज्ञापन

-समाज के लोगों ने बैठक कर आरओबी नहीं, आरयूबी बनाने की मांग की-लोगों का आरोप-निजी जमीन पर बिजली का पोल खड़ा करने की हो रही कोशिश

भागलपुर-गोराडीह मार्ग में बन रहे रेलवे बौंसी पुल संख्या-2 के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. अधिग्रहण से जुड़े गजट के प्रकाशन के बाद प्रभावित क्षेत्र के लोगों में असंतोष बढ़ गया है. लोगों का आरोप है कि सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआइए) की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं की जा रही.

स्थानीय निवासी राकेश कुमार का आरोप है कि गुरुवार को दिनभर इंतजार के बावजूद सामाजिक प्रभाव आकलन के लिए कोई अधिकारी या टीम नहीं पहुंची. इस संबंध में जानकारी लेने जब लोग भू-अर्जन कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि पूर्व में कराये गये एसआइए को ही मान्य माना जायेगा.

राकेश कुमार का कहना है कि बिना नये सिरे से जमीनी स्थिति देखे पुराने आकलन के आधार पर आगे बढ़ना प्रभावित परिवारों के साथ न्याय नहीं है. लोगों को आशंका है कि नुकसान का सही आकलन नहीं हो पायेगा. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हुए बिना ही निजी जमीन पर बिजली के पोल लगाने का प्रयास किया गया. जब एजेंसी के लोग पोल गाड़ने पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने विरोध जताया. आक्रोश बढ़ता देख एजेंसी के कर्मियों को वहां से भागना पड़ा. लोगों का कहना है कि जब तक सब कुछ तय नहीं हो जाता, तब तक निर्माण या स्थायी ढांचा खड़ा करना उचित नहीं है.

बेघर होने की आशंका, आरओबी की जगह आरयूबी की मांग

प्रभावित परिवारों का कहना है कि सड़क किनारे बसे कई लोग खतियानी रैयत नहीं हैं. किसी ने आधा कट्टा तो किसी ने एक कट्टा जमीन में घर बनाया है. यह जमीन उनके लिए बेहद कीमती है और अधिग्रहण होने पर वे बेघर हो जायेंगे. स्थानीय लोगों के अनुसार कई परिवारों ने छोटा सा घर बनाने के लिए गांव की कई बीघा पुश्तैनी जमीन तक बेच दी थी. अब वही आशियाना छिनने का खतरा है. इसी मुद्दे पर सामाजिक स्तर पर बैठक कर लोगों ने रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की बजाय अंडरपास (आरयूबी) बनाने की मांग उठायी है, ताकि कम से कम विस्थापन हो सके. राकेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में लिखित शिकायत मुख्यमंत्री, पुल निर्माण निगम के चेयरमैन, भू-अर्जन पदाधिकारी, जिलाधिकारी, एसआइए निदेशक और मानवाधिकार आयोग तक भेजी गयी है. स्थानीय लोग चाहते हैं कि उनकी आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाये, ताकि विकास कार्य और जनहित के बीच संतुलन बनाया जा सके.

विज्ञापन
KALI KINKER MISHRA

लेखक के बारे में

By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन