नवगछिया में खेल मैदानों के विकास की पोल खोलती रिपोर्ट: करोड़ों की योजनाएं फाइलों में अटकीं, 5 में से केवल 1 मैदान तैयार

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नवगछिया में खेल कई परियोजनाएं फाइलों में अटकीं, सहयोग पोर्टल से खुली तस्वीर | Prabhat Khabar Network

सहयोग पोर्टल से खुली तस्वीर | Prabhat Khabar Network

नवगछिया में करोड़ों की लागत से स्वीकृत खेल मैदान परियोजनाओं में से अधिकांश अधूरी पड़ी हैं. 'सहयोग पोर्टल' की रिपोर्ट ने उजागर किया कि कैसे सरकारी फाइलों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है.

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खेल मैदान सिर्फ मिट्टी का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि भविष्य के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की पौध तैयार करने की नर्सरी होते हैं. हालांकि, भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल में खेल सुविधाओं के विकास की तस्वीर बेहद निराशाजनक कहानी बयां कर रही है. वर्ष 2020 से 2025 के बीच करोड़ों रुपये की लागत से स्वीकृत खेल मैदान परियोजनाओं में से अधिकांश आज भी अधूरी पड़ी हैं. 'सहयोग पोर्टल' के माध्यम से प्राप्त जिला खेल पदाधिकारी (भागलपुर) की रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी फाइलों और जमीनी हकीकत के बीच कितना बड़ा अंतर मौजूद है.

केवल 1 परियोजना पूरी, 4 योजनाएं अधर में

जिला खेल अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, अनुमंडल में स्वीकृत चार से पांच प्रमुख खेल मैदान परियोजनाओं में केवल एक ही पूरी हो सकी है:

  1. उच्च विद्यालय सैदपुर (गोपालपुर): करीब ₹120.71 लाख की लागत से बनने वाला यह खेल मैदान पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है. यह अकेली परियोजना है, जिसने स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए मैदान उपलब्ध कराया है.
  2. आदर्श उच्च विद्यालय तुलसीपुर (खरीक): इस मैदान पर करीब ₹22.69 लाख खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य केवल 65 प्रतिशत ही पूरा हो सका है.

तीन बड़ी परियोजनाएं प्रशासनिक लालफीताशाही और विवादों में अटकीं

अनुमंडल की तीन सबसे बड़ी परियोजनाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहां निर्माण कार्य का श्रीगणेश भी नहीं हो सका है:

  • रंगरा चौक खेल मैदान: लगभग ₹203.53 लाख स्वीकृत किए गए, लेकिन स्थानीय विधायक के अनुरोध पर मैदान का स्थान बदलने (साइट चेंज) की प्रक्रिया चलने के कारण मामला अधर में लटक गया.
  • परवत्ता खेल मैदान (इस्माइलपुर): ₹219.08 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति के बावजूद जमीन के मालिकाना हक और विवाद के कारण काम शुरू नहीं हो सका. अंचल कार्यालय द्वारा भूमि उपलब्ध कराने की कागजी प्रक्रिया जारी है.
  • पहाड़पुर खेल मैदान (नारायणपुर): ₹205.92 लाख स्वीकृत होने के बाद भी यह परियोजना अब तक सीमांकन (Demarcation) और कार्य आवंटन जैसी बुनियादी प्रक्रियाओं से आगे नहीं बढ़ पाई है.

खेल सामग्री वितरण पर एक भी रुपया खर्च नहीं

रिपोर्ट का एक और चौकाने वाला पहलू यह है कि जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए खेल सामग्री (Sports Kit) वितरण मद में एक भी रुपया खर्च नहीं किया गया, वहीं अनुमंडल के 55 स्थलों पर खेल एवं ओपन जिम (Open Gym) लगाने के नाम पर ₹34.74 लाख खर्च कर दिए गए.

इन्फो बॉक्स: एक नजर में परियोजनाओं की स्थिति

परियोजनास्वीकृत राशिवर्तमान स्थिति
उच्च विद्यालय सैदपुर (गोपालपुर)₹120.71 लाखनिर्माण पूर्ण
आदर्श उच्च विद्यालय तुलसीपुर (खरीक)₹22.69 लाख (व्यय)65% कार्य पूरा
रंगरा चौक खेल मैदान₹203.53 लाखस्थल परिवर्तन के कारण अटका
परवत्ता खेल मैदान (इस्माइलपुर)₹219.08 लाखभूमि विवाद, कार्य शुरू नहीं
पहाड़पुर खेल मैदान (नारायणपुर)₹205.92 लाखसीमांकन व आवंटन प्रक्रिया लंबित

सवाल सिर्फ निर्माण का नहीं, युवाओं के भविष्य का है

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, कमी है तो सिर्फ बेहतर मैदान और बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर की. यदि ये स्वीकृत योजनाएं समय पर पूरी हो जातीं, तो सैकड़ों युवाओं को रोजाना अभ्यास के लिए सुरक्षित माहौल मिलता.

जब बिहार राज्य खेल के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है, तब नवगछिया के ये अधूरे मैदान यही याद दिलाते हैं कि सिर्फ बजट मंजूर कर देना काफी नहीं है, योजनाओं को समय पर धरातल पर उतारना भी उतना ही जरूरी है.

"करोड़ों की मंजूरी, लेकिन अधूरे मैदान... खेल विकास की दौड़ में नवगछिया अब भी शुरुआती लाइन पर ही खड़ा है."


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Anjani Kumar

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By Anjani Kumar

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