भागलपुर के सहयोग शिविरों में प्रभारी सचिव ने सुनी लोगों की समस्याएं, 30 दिन में समाधान का निर्देश
Author : AMIT KUMAR SINH Published by : Pratyush Prashant Updated At : 02 Jun 2026 4:14 PM
Bhagalpur News : गांव-गांव तक सरकारी योजनाओं और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश के बीच प्रभारी सचिव ने जब सहयोग शिविर में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं तो प्रशासनिक जवाबदेही पर एक बार फिर फोकस बढ़ गया.
गलपुर से ब्रजेश की रिपोर्ट
Bhagalpur News : भागलपुर जिले के गोराडीह और नाथनगर प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविरों का सोमवार को राज्य सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव सह भागलपुर के प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
गोराडीह के जिच्छो पंचायत शिविर का निरीक्षण
गोराडीह प्रखंड के बिशनपुर जिच्छो पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में प्रभारी सचिव ने पहुंचकर विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी.
समयबद्ध समाधान पर जोर, 30 दिन की सीमा तय
प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहयोग शिविरों के माध्यम से आम जनता की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि शिकायतों के समाधान के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय सीमा तय की गई है और किसी भी प्रकार की देरी को गंभीरता से लिया जाएगा.
डिजिटल माध्यम से शिकायत दर्ज करने की अपील
उन्होंने नागरिकों से सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अब लोग घर बैठे ही अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिससे प्रक्रिया और अधिक सरल एवं पारदर्शी हो गई है.
जिला प्रशासन की कार्यशैली की सराहना
प्रभारी सचिव ने भागलपुर जिला प्रशासन की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्राप्त कई शिकायतों का निस्तारण केवल सात दिनों के भीतर किया गया है. उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और पूरी प्रशासनिक टीम को इसके लिए बधाई दी.
डीएम ने बताया शिविर की प्रक्रिया
जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि प्रत्येक पंचायत में पूर्व निर्धारित तिथि पर सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. शिविर से 15 दिन पहले ही आवेदन लेना और निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके.
प्रत्येक आवेदन का किया जा रहा पंजीकरण
उन्होंने बताया कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का विधिवत पंजीकरण किया जाता है और आवेदक को रसीद भी दी जाती है. अधिकतम 30 दिनों में समाधान का लक्ष्य है, लेकिन जिला प्रशासन इसे 7 दिनों के भीतर पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है.
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