बरहपुरा, जगतपुर, हसनगंज, कमलनगर व कबीरपुर में फैला चिकन पॉक्स, लोगों में इंफेक्शन का डर
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 16 Jun 2024 9:39 PM
नगर निगम की सफाई व्यवस्था खराब होने के कारण लोगों का इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. वहीं लोग भी सफाई के प्रति जागरूक नहीं है
नगर निगम की सफाई व्यवस्था खराब होने के कारण लोगों का इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. वहीं लोग भी सफाई के प्रति जागरूक नहीं है. डोर टू डोर कचरा उठाव की व्यवस्था होने के बाद भी अपने घर का कूड़ा-कचरा नाला व घर के आगे फेंक रहे हैं. प्रभात खबर ने बरहपुरा, जगतपुरा आदि मोहल्ले की पड़ताल की, तो पाया कि कच्ची नालियां बीच रास्ते से गुजरी है और कूड़े-कचरे का अंबार लगा हुआ है. इसी बीच बच्चे खेलने को विवश हैं. यहां चिकन पॉक्स की शिकायत मिल रही है. सामान्य लोगों में इंफेक्शन का भय सता रहा है. दक्षिणी क्षेत्र में है जलजमाव का भयावह स्थिति
शहर के दक्षिणी क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 42 के गंगटी, अलीगंज, सेतु तेली लेन में जलजमाव से लोग परेशान है. यहां की सफाई व्यवस्था बदतर है. महादलित टोला , महेशपुर, मिरजानहाट में नाला उड़ाही का काम नहीं हो पाया है, जबकि मानसून सिर पर है.रोकथाम को लेकर चला रहे अभियान
चिकन पाॅक्स की रोकथाम को लेकर होमियोपैथिक चिकित्सक डॉ एसके पंथी द्वारा नि:शुल्क दवा का वितरण किया जा रहा है, ताकि बीमारी नहीं फैले. अब तक हसनगंज, कमलनगर कॉलोनी, अलीगंज, मोहद्दीनगर आदि क्षेत्रों में दवा वितरण को लेकर शिविर लगाया जा चुका है. यहां प्रतिदिन पांच से सात मरीज आ रहे हैं. दक्षिणी क्षेत्र विकास समिति की ओर से हसनगंज, मोहद्दीनगर, मिरजानहाट आदि क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. संयोजक राकेश रंजन केसरी ने बताया कि हसनगंज में प्राय: चिकन पॉक्स फैलने की शिकायत मिलती है. बरहपुरा के मो सैफ बिन मलिक ने बताया कि बरहपुरा में दो लोगों को चिकन पॉक्स हुआ, तो पड़ोसी में डर बढ़ गया. वहीं मो सफीउद्दीन ने बताया कि कबीरपुर में आठ लोगों को चिकन पॉक्स हुआ. बरहपुरा के रिटायर्ड सीआरपीएफ मो अख्तर ने बताया कि चिकन पॉक्स की रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. जगतपुर की वीणा देवी ने बताया कि उनके बच्चे को चिकन पॉक्स हो गया, तो डर गयी और 10 दिनों तक अपने काम पर नहीं जा सकी.संक्रमित लोगों से रहें दूर
फिजिशियन डॉ कपिल कुमार सिंह ने बताया कि चिकन पॉक्स के दो मरीज उनके पास आये थे. मिजिल्स फुंसी जैसा होती है. पूरे शरीर में लाल-लाल दाग हो जाता है. वहीं चिकन पॉक्स फोड़ा जैसा होता है. इस तरह की बीमारी होने पर अधिक से अधिक पानी का सेवन करना चाहिए. ए साइक्लोविल अर्थात जोविरेक्स दवा दी जाती है. वहीं दूसरे वरीय चिकित्सक डॉ विनय झा ने कहा कि उनके पास भी शुरुआत में एक-दो मरीज आये थे. चिकन पॉक्स वायरल डिजीज है. इसमें नारियल पानी लेना है. इम्यूनिटी मजबूत करना होगा. छोटे बच्चों में अधिक होता है. इसमें एंटी वायरल दवा दी जाती है. वहीं होमियोपैथिक चिकित्सक डॉ एसके पंथी ने बताया कि चिकन पॉक्स के रोकथाम के लिए मैलेरिड्रनम-200, वैरियोलिनम-200 सुबह खाली पेट में एक बार सेवन करें.
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