भागलपुर में मनाया गया जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव, मुनिराज विशल्य सागर महाराज ने किया प्रवचन

Updated at : 27 Feb 2024 12:37 AM (IST)
विज्ञापन
भागलपुर में मनाया गया जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव, मुनिराज विशल्य सागर महाराज ने किया प्रवचन

सोमवार को भागलपुर के कोतवाली चौक समीप दिगंबर जैन मंदिर में पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव

विज्ञापन

भागलपुर. दूसरे का दिल दुखाने से पापबंध होता है. बुद्धि पर जब मोह हावी होता है, तो अनिष्ट होता है. किसी को गिराकर खुश होने से अच्छा है, किसी को उठाकर खुश होना. सह मात के खेल से दूर रहने वाले ही मोह को मात दे पाते हैं. दुसरो के भरोसे रहने वाले ,कभी सफलता नहीं पाते हैं. जन्म लेना उनका सार्थक है, जिन्होंने जन्म लेकर जन कल्याण किया. उक्त बातें मुनिराज विशल्य सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही.

मौका था सोमवार को कोतवाली चौक समीप दिगंबर जैन मंदिर में पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव का. उन्होंने कहा कि पुरानी बातें भुलाने लायक हैं न कि याद करके रुलाने लायक. बिना मेहनत के आज तक कोई कभी महान नहीं बना. दोष दिखने पर साथी को दूर मत करो, उसके दोष दूर करो. संकट मजबूत होने के लिए आते हैं न कि उदास होने के लिये. अवसर मिलते नहीं, पैदा किये जाते हैं.

प्रतिष्ठा कार्यक्रम की शुरुआत में सर्वप्रथम जाप अनुष्ठान, अभिषेक, शांति धारा, याेग मंडल पूजन, जन्म कल्याणक पूजन, गुरु पूजन व पांडुक शिला पर सौधर्म इंद्र बने वरुण पाटनी ने जन्माभिषेक से की. केसरिया वस्त्र पहने मस्तक पर मुकुट लगाये पुरुषों को अभिषेक करते हुए भक्ति से ओत प्रोत देखना अनुपम दृश्य उपस्थित कर रहा था.मंचीय प्रस्तुति से अतिथियों को किया आकर्षित

आयोजन में महाराज का दरबार, मुकुटबद्ध राजाओं का आगमन, राज्याभिषेक, आदि की मंचीय प्रस्तुति हुई. इससे देश के विभिन्न प्रांतों से आये अतिथि खुद को आकर्षित हुए बिना नहीं रह सके. सत्कर्म उपदेश, न्याय उपदेश ,शिक्षा की प्रधानता से श्रद्धालुओं को प्रेरित किया गया. जयपुर से आया पालना बहुत ही सुंदर सजाया गया. झूलन प्रसंग बहुत ही आकर्षक प्रस्तुत हुआ.

दीक्षा विधि संस्कार, अंक न्यास, तप कल्याणक पूजन हवन में श्रद्धालु भक्ति भाव से शामिल हुए. विश्वशांति के लिए अखंड जलधारा से शांतिधारा रोहित गंगवाल ने किया. आचार्य श्री विराग सागर जी के चित्र का रोहित गंगवाल, भागचंद पाटनी, संजय पाटनी, अमित पाटनी ने किया. पंचकल्याणक प्रतिष्ठा की सारी मंगल क्रियाएं मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठाचार्य पंडित मुकेश शास्त्री के निर्देशन में की गयी.

इनका सहयोग ब्रह्मचारिणी अलका दीदी एवं ब्रह्मचारिणी भारती दीदी कर रही थी. इस मौके पर विजय रारा, पदम पाटनी, जय कुमार काला, सुमंत पाटनी, अशोक पाटनी, धर्मचंद गंगवाल, प्रकाश बड़जात्या, शंकरलाल जैन, संजय पाटनी, संजय विनायका आदि उपस्थित थे. सिद्धक्षेत्र मंत्री सुनील जैन ने बताया कि समापन पर मंगलवार को ज्ञान व मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया जायेगा.

विज्ञापन
Anand Shekhar

लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन