भागलपुर में 8 साल से नहीं खरीदी गई नई स्ट्रीट लाइट, आधे से ज्यादा खंभे अंधेरे में, श्रावणी मेला से पहले भी नहीं सुधरेगी व्यवस्था

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भागलपुर स्ट्रीट लाइट

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Bhagalpur News: 8 सालों से भागलपुर शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था गंभीर संकट में है. नगर निगम ने 2017 के बाद एक भी नई स्ट्रीट लाइट नहीं खरीदी है, जिससे शहर के आधे से ज़्यादा खंभे अंधेरे में हैं. श्रावणी मेला नज़दीक होने के बावजूद स्थिति में सुधार की उम्मीद कम है.

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भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट

Bhagalpur News: भागलपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बावजूद भागलपुर शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है. वर्ष 2017 के बाद नगर निगम ने एक भी नई स्ट्रीट लाइट नहीं खरीदी है. इसका असर अब शहर की सड़कों पर साफ दिख रहा है. आधे से अधिक बिजली के खंभों पर लगी स्ट्रीट लाइटें बंद हैं, जिससे कई इलाके रात होते ही अंधेरे में डूब जाते हैं. सबसे बड़ी चिंता यह है कि श्रावणी मेला शुरू होने वाला है, लेकिन तब तक भी नई लाइटें लगने की संभावना बेहद कम है.

शहर के लोग लंबे समय से खराब स्ट्रीट लाइटों की शिकायत कर रहे हैं. मुहर्रम के दौरान भी कई इलाकों में अंधेरा रहने से लोगों को परेशानी हुई थी. अब श्रावणी मेला में लाखों कांवरियों के आने से पहले भी हालात में सुधार की उम्मीद कम दिखाई दे रही है.

2017 के बाद नहीं हुई नई स्ट्रीट लाइट की खरीद

नगर निगम ने वर्ष 2017 में पटना की एजेंसी ईईएसएल के माध्यम से शहर के 51 वार्डों और प्रमुख सड़कों पर करीब 10 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइट लगवाई थीं. एजेंसी ने पांच वर्षों तक इन लाइटों का रखरखाव और खराब होने पर मरम्मत भी की.

मेंटेनेंस अवधि समाप्त होने के बाद नगर निगम ने नई स्ट्रीट लाइट खरीदने की प्रक्रिया समय पर शुरू नहीं की. नतीजा यह हुआ कि खराब होती गई लाइटों को बदला नहीं जा सका और आज शहर के बड़ी संख्या में खंभे अंधेरे में खड़े हैं.

कई बार उठा मुद्दा, लेकिन आगे नहीं बढ़ सकी प्रक्रिया

नगर निगम की सामान्य बोर्ड और सशक्त स्थायी समिति की बैठकों में कई बार नई स्ट्रीट लाइट खरीदने का प्रस्ताव रखा गया. हालांकि प्रक्रिया हर बार किसी न किसी कारण से आगे नहीं बढ़ सकी.

हाल ही में टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी, लेकिन वह रद्द हो गई. अब दोबारा टेंडर जारी किया गया है. नगर निगम ने 24 जुलाई तक आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि तय की है. इसके बाद तकनीकी और वित्तीय प्रक्रिया पूरी होने पर ही खरीद का रास्ता साफ होगा.

श्रावणी मेला में भी अंधेरे का संकट

टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और नई लाइटें लगाने में समय लगेगा. ऐसे में श्रावणी मेला के दौरान भी शहर की प्रमुख सड़कों और कांवरिया मार्गों पर पर्याप्त रोशनी मिलने की संभावना नहीं है.

रात के समय कई मार्गों पर अंधेरा रहने से कांवरियों, स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. सुरक्षा के लिहाज से भी यह स्थिति चिंता का विषय मानी जा रही है.

फिलहाल सोलर स्ट्रीट लाइट के भरोसे शहर

वर्तमान में स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइटें ही कई स्थानों पर राहत दे रही हैं. यदि ये सोलर लाइटें नहीं होतीं तो शहर के कई हिस्सों में पूरी तरह अंधेरा छा जाता.

Bhagalpur News: मेयर ने क्या कहा

मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने बताया कि नई स्ट्रीट लाइट खरीदने के लिए कई बार प्रयास किए गए. पहले टेंडर रद्द होने के बाद अब दोबारा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि प्रक्रिया समय पर पूरी हुई तो 15 अगस्त तक नई स्ट्रीट लाइट लगाने का काम शुरू हो जाएगा.

शहरवासियों की नजर अब इस टेंडर प्रक्रिया पर टिकी है. लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से चली आ रही स्ट्रीट लाइट की समस्या का स्थायी समाधान जल्द निकलेगा और भागलपुर की सड़कें फिर से रोशनी से जगमग होंगी.

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प्रत्युष प्रशांत

लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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