bhagalpur news. भागलपुर डेयरी का होगा कायाकल्प : 6.84 करोड़ की लागत से सुधरेंगे ''''विक्रमशिला दुग्ध संघ'''' के उपकरण

Updated at : 16 Mar 2026 10:36 PM (IST)
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bhagalpur news. भागलपुर डेयरी का होगा कायाकल्प : 6.84 करोड़ की लागत से सुधरेंगे ''''विक्रमशिला दुग्ध संघ'''' के उपकरण

बिहार सरकार ने भागलपुर स्थित विक्रमशिला दुग्ध संघ को आधुनिक तकनीक से लैस करने और उसकी कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है.

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बिहार सरकार ने भागलपुर स्थित विक्रमशिला दुग्ध संघ को आधुनिक तकनीक से लैस करने और उसकी कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार ने 6.84 करोड़ रुपये की लागत से डेयरी संयंत्र के उपकरणों के उन्नयन (अपग्रेडेशन), सुधार और समन्वय की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है. यह निर्णय क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों और उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है, जिससे सुधा ब्रांड के उत्पादों की गुणवत्ता और उपलब्धता में भारी सुधार होने की उम्मीद है. क्यों पड़ी इस निवेश की जरूरत? भागलपुर डेयरी संयंत्र की वर्तमान प्रसंस्करण क्षमता 2.00 लाख लीटर प्रतिदिन है. हालांकि, संसाधनों और उपकरणों के बीच बेहतर समन्वय न होने के कारण इस क्षमता का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था. इसके अलावा, कई आवश्यक उपकरणों के पुराने होने या काम न करने की वजह से दूध की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी. सरकार के इस नये निवेश से न केवल उत्पादन की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि परिचालन लागत (ऑपरेटिंग कॉस्ट) में भी कमी आयेगी. विभाग ने इस राशि के उपयोग के लिए 18 माह की समयसीमा तय की है. अत्याधुनिक मशीनों से लैस होगा संयंत्र आधुनिक सीआइपी प्रणाली : डेयरी प्लांट की स्वच्छता और सफाई को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए आधुनिक सीआइपी प्रणाली स्थापित की जायेगी. कोल्ड चेन में सुधार : शीतलन संयंत्र (चीलिंग प्लांट) को आधुनिक बनाया जायेगा और पुराने सिस्टम के साथ इसे बेहतर ढंग से जोड़ा जाएगा. बिजली और नियंत्रण : सुचारू संचालन के लिए स्टैंडबाई ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकरण किया जायेगा. नयी मशीनरी की खरीद : संयंत्र में नई क्रेटवॉशर मशीन, मिल्क पैकेजिंग मशीन और अन्य सहायक उपकरण लगाये जायेंगे. —————– उपभोक्ताओं को मिलेंगे सुरक्षित और स्वच्छ उत्पाद योजना का एक मुख्य उद्देश्य डेयरी उत्पादों में दही, पनीर, खोआ और मिठाई का बड़े पैमाने पर सुरक्षित उत्पादन करना है. नयी पैकेजिंग मशीनों के लगने से अब उत्पादों की पैकिंग अधिक स्वच्छ और सुरक्षित तरीके से हो सकेगी, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाला दूध और उससे बने उत्पाद मिल सकेंगे. —————– बजट का ब्योरा कुल बजट : 684.25 लाख उपकरणों का अपग्रेडेशन : 302.50 लाख उत्पाद ब्लॉक का निर्माण : 381.75 लाख

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NISHI RANJAN THAKUR

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