Bhagalpur News. एस्टिमेट मुख्यालय में अटका और इंजीनियरिंग कॉलेज से नहीं मिला डिजाइन

माणिक सरकार में कटाव कार्य.
माणिक सरकार में कटाव निरोधक कार्य पर संकट
माणिक सरकार में गंगा कटाव निरोधक कार्य और कटाव से कट चुकी सड़क के निर्माण को लेकर संबंधित विभागों की कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं. बाढ़ नियंत्रण कार्य प्रमंडल, भागलपुर ने करीब साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत का एस्टिमेट मुख्यालय को भेजा है. यह फाइल अब तक स्वीकृति के लिए विभिन्न टेबलों के बीच घूम रही है.
विभाग में कटाव निरोधक का नया कार्य 31 मई के बाद कराने का प्रावधान नहीं है. ऐसे में फाइल को अंतिम स्वीकृति नहीं मिलने से समय पर काम शुरू होने की संभावना कम होती जा रही है. इससे गंगा किनारे बसे इलाके के लोगों में चिंता बढ़ गयी है.मिट्टी जांच और डिजाइन बनाने का काम भी लंबित
गंगा किनारे रिटेनिंग वॉल निर्माण के लिए मिट्टी की जांच और डिजाइन तैयार करने का जिम्मा इंजीनियरिंग कॉलेज को दिया गया है. नगर निगम की ओर से कई बार रिमाइंडर पत्र भेजे जाने के बावजूद अब तक न तो मिट्टी की जांच हुई है और न ही डिजाइन तैयार किया गया है.
बाढ़ से पहले काम नहीं हुआ तो बढ़ेगी परेशानी
यदि यही स्थिति बनी रही, तो गंगा में बाढ़ आने से पहले न तो कटाव निरोधक कार्य हो पायेगा और न ही रिटेनिंग वॉल और सड़क का निर्माण संभव हो सकेगा. इससे गंगा किनारे रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती है. कटाव के कारण कुछ घरों में दरारें भी आ गयी है, जिससे स्थानीय लोग भयभीत हैं और उन्हें घर छोड़ने की आशंका भी सताने लगी है.
बाढ़ कंट्रोल डिवीजन का दावा :
मई से पहले स्वीकृति लेकर निकालेंगे टेंडर, शुरू करायेंगे कार्य
बाढ़ कंट्रोल डिवीजन के कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश का कहना है कि प्रस्ताव को मई से पहले स्वीकृति दिलाने की कोशिश की जा रही है. स्वीकृति मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर काम कराया जायेगा. उन्होंने बताया कि कटाव की लंबाई अधिक नहीं है, इसलिए कार्य पूरा करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा. टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी (टीएसी) से योजना को स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि स्कीम रिव्यू कमेटी (एसआरसी) से अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है. कार्यपालक अभियंता बताया कि एसआरसी से स्वीकृति मिलते ही निविदा जारी कर एजेंसी का चयन किया जायेगा और उसके बाद कटाव निरोधक कार्य शुरू करा दिया जायेगा.
नगर निगम का दावा:
अंतिम पत्र भेज चार दिन की दी जायेगी मोहलत, फिर खुद से तैयार करेंगे डीपीआरनगर निगम के कार्यालय अधीक्षक मो. रेहान अहमद ने बताया कि लगातार प्रयासों के बावजूद इंजीनियरिंग कॉलेज की ओर से अब तक न तो मिट्टी की जांच की गयी है और न ही डिजाइन तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज को अंतिम पत्र भेजकर चार दिनों की मोहलत दी जायेगी. यदि इसके बाद भी काम नहीं हुआ, तो नगर निगम अपने स्तर से डीपीआर तैयार करायेगा. इसके बाद निविदा जारी कर एजेंसी का चयन किया जायेगा और चयनित एजेंसी के माध्यम से रिटेनिंग वॉल, सड़क और अन्य आवश्यक कार्य शुरू कराया जायेगा.
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