Bhagalpur News: जल बीच मीन प्यासी...स्कूल के तीनों चापाकल खराब, बच्चे व शिक्षक परेशान

Updated at : 21 Feb 2025 12:38 AM (IST)
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Bhagalpur News: जल बीच मीन प्यासी...स्कूल के तीनों चापाकल खराब, बच्चे व शिक्षक परेशान

इसे विडंबना ही कहेंगे कि जिस स्कूल के करीब में बीईओ ऑफिस, पीएचईडी ऑफिस के साथ ही तमाम प्रखंड स्तरीय कार्यालय हैं, स्कूल में तीन-तीन चापाकल है. फिर भी यहां के बच्चे जल बीच मीन प्यासी की स्थिति में समय बिता रहे हैं. जी हां, करीब दो माह से यही स्थिति बनी है मध्य विद्यालय राघोपुर टिकर की

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– राघोपुर टिकर स्कूल में पेयजल के लिए विद्यार्थी के साथ शिक्षक भी परेशान

– प्रिंसिपल बोले- विभाग को सूचना दे चुका हूं, अमल नहीं हुआ

नमन कुमार चौधरी, नाथनगर

इसे विडंबना ही कहेंगे कि जिस स्कूल के करीब में बीईओ ऑफिस, पीएचईडी ऑफिस के साथ ही तमाम प्रखंड स्तरीय कार्यालय हैं, स्कूल में तीन-तीन चापाकल है. फिर भी यहां के बच्चे जल बीच मीन प्यासी की स्थिति में समय बिता रहे हैं. जी हां, करीब दो माह से यही स्थिति बनी है मध्य विद्यालय राघोपुर टिकर की. बच्चे और शिक्षक भी स्कूल के बाहर से पानी मंगाकर पीने को मजबूर हैं. ऐसा नहीं है कि स्कूल की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया है. यहां तीन चापाकल लगे हुए हैं लेकिन तीनों के तीनों खराब हैं. बच्चे की परेशानी की बात पूछने पर कोई इसकी जिम्मेदारी नहीं लेते हैं. विद्यालय प्रधान कहते हैं कि हमने तो इसकी सूचना पूर्व में ही बीआरसी को दी है, ध्यान ही नहीं दिया गया.

स्कूल की स्थिति को जानें

मध्य विद्यालय राघोपुर टिकर में 287 विद्यार्थी नामांकित हैं. हालांकि, यहां रोजाना स्कूल आनेवाले बच्चों की संख्या करीब 230 है. ये विद्यार्थी बाहर से पानी ढोकर स्कूल लाते हैं और अपने साथ-साथ गुरुजी की भी प्यास बुझाकर कृपा पात्र बनते हैं. बच्चों ने बताया कि करीब डेढ़-दो माह से चापाकल खराब है. बच्चों का कहना है कि माध्याह्न भोजन के समय पानी पीने के लिए तरस जाते हैं. स्कूल से करीब दो सौ मीटर दूर बोरिंग से पानी ढोकर लाते हैं तब पानी पी पाते हैं.

बच्चे बोले- खाना स्कूल में खाते हैं और पानी घर जाकर पीते हैं

विद्यालय के छात्र -छात्राओं में मीठी कुमारी, सोनाली कुमारी, अभिनव राज, शिखा कुमारी आदि ने बताया कि स्कूल में पानी की किल्लत है, इसलिए वो लोग खाना स्कूल में खाते हैं और पानी घर जाकर ही पीते हैं. बीच में ज्यादा प्यास लगने पर बाहर कुछ दूर पर लगे नल का पानी पीते हैं. कुछ बच्चे जिनका घर नजदीक है वो घर जाकर पानी पीकर पुनः स्कूल आ जाते हैं.

बच्चों को शौच जाना होगा इसलिए पानी ढोकर बाहर से ला रहे थे. हालांकि स्कूल में एक माह से पानी की दिक्कत है. चापाकल खराब है. ठीक कराने के लिए विभाग को सूचना दी गयी है. बावजूद अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है. हमलोग भी जैसे-तैसे पानी पीते हैं.

-अजबलाल दास, प्रधानाध्यापक, मध्य विद्यालय राघोपुर टिकर

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